सूत्रों की मानें तो एनआईए की एक टीम जल्द अयोध्या भी जाएगी। दरअसल डॉ. परवेज के दस्तावेजों की जांच में पता चला है कि उसने राजधानी के अमीरुद्दौला इस्लामिया इंटर कॉलेज से 1999 में हाईस्कूल और 2001 में इंटरमीडिएट की परीक्षा प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण की थी। तत्पश्चात सीपीएमटी के जरिये उसका एमबीबीएस में चयन हुआ, जिसके बाद राजधानी के इरा मेडिकल कॉलेज में वर्ष 2004 में एमबीबीएस कोर्स में दाखिला लिया। वहीं वर्ष 2010 में अयोध्या के एक अस्पताल में इंटर्नशिप शुरू की थी। उसके अयोध्या से वाफिक होने की वजह से एनआईए की टीम वहां जाकर पड़ताल करेगी, ताकि जांच में किसी चूक की गुंजाइश न रहे।
जांच में सामने आया है कि डॉ. शाहीन सऊदी अरब में करीब चार साल रह चुकी है, जहां वह एक नामचीन अस्पताल में नौकरी कर रही थी। अधिकारियों को शक है कि इस दौरान वह कश्मीरी मूल के डॉक्टरों के संपर्क में आई, जिसमें डॉ. मुजम्मिल भी शामिल था। तत्पश्चात, वापस लौटने के बाद वह फरीदाबाद चली गई। अब एनआईए की टीम शाहीन के बारे में जानकारी जुटाने के लिए कानपुर का रुख करेगी, जहां उसके पूर्व पति और अस्पताल के सहयोगियों के दोबारा बयान दर्ज किए जा सकते हैं।