इसमें इन्फ्रास्ट्रक्चर, स्वास्थ्य, न्यायिक प्रणाली, शिक्षा, बिजली और भारी उद्योग पर खास फोकस रहेगा। इसका खाका तैयार कर लिया गया है। मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र के समक्ष प्रस्ताव पेश कर दिया गया है। जल्द ही इसे कैबिनेट के समक्ष रखा जाएगा। कैबिनेट की हरीझंडी मिलते ही इस पर काम शुरू कर दिया जाएगा।
प्रदेश को 10 खरब डालर की अर्थव्यवस्था बनाने के लिए योगी सरकार अगले पांच वर्षों में 40 लाख करोड़ रुपये खर्च करेगी। यह धनराशि 2022-2027 के दौरान विभिन्न परियोजनाओं पर खर्च की जाएगी। इसमें इन्फ्रास्ट्रक्चर, स्वास्थ्य, न्यायिक प्रणाली, शिक्षा, बिजली और भारी उद्योग पर खास फोकस रहेगा। इसका खाका तैयार कर लिया गया है। मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र के समक्ष प्रस्ताव पेश कर दिया गया है। जल्द ही इसे कैबिनेट के समक्ष रखा जाएगा। कैबिनेट की हरीझंडी मिलते ही इस पर काम शुरू कर दिया जाएगा।
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मुख्य सचिव के समक्ष रखे गए प्रस्ताव में कहा गया है कि प्रदेश को 10 खरब डालर की अर्थव्यवस्था बनाने के लिए बुनियादी सुविधाओं के साथ कई बिंदुओं पर बारीकी से काम करना होगा। सबसे पहले प्रदेश को अपनी सालाना विकास दर 30 से 35 प्रतिशत तक बढ़ानी होगी जो मौजूदा समय में में 13 से 14 फीसदी है। प्रदेश में हर वर्ष होने वाली सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) के निवेश को 20 फीसदी से बढ़ाकर 43 से 47 प्रतिशत करना होगा।
साथ ही मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के विकास लक्ष्य को 45 प्रतिशत तक ले जाना होगा जो मौजूदा समय में 6.5 फीसदी है। इसके साथ ही प्रदेश में आयात को घटाकर निर्यात पर फोकस करना होगा। इस नीति को विदेश से लेकर अन्य प्रदेशों पर भी लागू करना होगा। इससे प्रदेश में अधिक से अधिक इकाइयां तो लगेंगी ही साथ में रोजगार बढ़ेगा और प्रदेश की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।
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चिकित्सा व्यवस्था पर खर्च होंगे 2.1 लाख करोड़
10 खरब डालर की अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को हासिल करने के लिए निवेश पर खास ध्यान दिया जा रहा है। निवेशकों को लुभाने के लिए निवेश नीति का खाका तैयार किया गया है। इसमें इन्फ्रास्ट्रक्चर, मैन्युफैक्चरिंग व सेवा क्षेत्र को विभिन्न हिस्सों में बांटा गया है। इन्फ्रास्ट्रक्चर को दो भागों में बांटकर काम कराने की योजना तैयार की गई है। इसमें बुनियादी सुविधाओं के विकास, उद्योगों की स्थापना, बिजली व्यवस्था की मजबूती पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को प्रोत्साहन देने के लिए उनके अनुकूल नीतियां बनाई जाएंगी। नियामक और न्यायिक प्रणाली को मजबूत करने पर खास फोकस रहेगा। सेवा क्षेत्र में पर्यटन, स्वास्थ्य और शिक्षा पर खास जोर रहेगा। योजना के तहत प्रदेश में आधुनिक चिकित्सा व्यवस्था के लिए योगी सरकार को 2022 से 2027 के बीच करीब 2.1 लाख करोड़ रुपये खर्च करने होंगे। इसमें 24 लाख बेड के अस्पतालों का निर्माण प्रस्तावित है। इसके हिसाब से डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टॉफ की भर्ती भी की जाएगी।
साथ ही अधीनस्थ न्यायालयों में 1092 जजों की नियुक्ति की जाएगी जबकि हाईकोर्ट में 90 नए जजों की नियुक्ति प्रस्तावित हैं। प्रस्ताव के अनुसार अगले पांच साल में बिजली पर 13 लाख करोड़, सड़क पर 25 लाख करोड़ और न्यायिक प्रणाली पर 200 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।