यूआईडीएआई के अधिकारियों का कहना है कि लखनऊ के आदर्श कारागार, नारी बंदी निकेतन और जिला कारागार से अभियान की औपचारिक शुरूआत 20 मार्च से हो गई है। अब 64 जिलों के 71 जेलों में इस अभियान में आधार कार्ड बनाने और अपडेट करने के लिए विशेष कैंप लगाए जाएंगे।
प्रदेश की 71 जेलों में बंद कैदियों के आधार बनाने के लिए विशेष अभियान की शुरूआत भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) ने की है। यूआईडीएआई का यह अभियान 31 मार्च तक जेलों में चलेगा। करीब 15 हजार से अधिक कैदियों का नया आधार बनाने और अपडेट करने का काम होगा।
विज्ञापन
यूआईडीएआई के अधिकारियों का कहना है कि लखनऊ के आदर्श कारागार, नारी बंदी निकेतन और जिला कारागार से अभियान की औपचारिक शुरूआत 20 मार्च से हो गई है। अब 64 जिलों के 71 जेलों में इस अभियान में आधार कार्ड बनाने और अपडेट करने के लिए विशेष कैंप लगाए जाएंगे। कई जगहों पर इसकी शुरूआत भी हो गई है। इस दौरान लगभग 13500 बंदियों का नए आधार के लिए नामांकन और लगभग 2100 बंदियों का आधार अपडेट किया जाएगा। जहां विशेष कैंप लगाए जाने हैं।
उनमें आगरा जोन के सात जेल, अयोध्या जोन के सात जेल, बरेली जोन के आठ जेल, गोरखपुर जोन के नौ जेल, कानपुर जोन के नौ जेल, लखनऊ जोन के आठ जेल, मेरठ जोन के आठ जेल, प्रयागराज के आठ जेल और वाराणसी जोन के सात जेल शामिल हैं।
विज्ञापन
अपराधियों का हो जाएगा बायोमेट्रिक सत्यापन
आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि जेलों में बंद कैदियों का आधार बनने से जहां उनको राष्ट्रीय पहचान मिलेगी। वहीं अपराधियों का भी बायोमेट्रिक सत्यापन हो जाएगा। अगर किसी को पूर्व से किसी दूसरे नाम से आधार बना हुआ है। उसका भी पता इससे चल जाएगा।