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UP News : जल्द लग सकता है बढ़ी बिजली दरों का झटका, एआरआर और टैरिफ प्रस्ताव दाखिल करने की तैयारी

Thu, 05 Jan 2023 12:03 AM IST
पंकज श्रीवास्‍तव अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ

सार

प्रदेश में बीते तीन साल से बिजली दरें नहीं बढ़ी हैं। दूसरी तरफ बिजली कंपनियों का घाटा साल दर साल बढ़ता जा रहा है। ऐसे में इस बार दरों में औसतन 15-20 प्रतिशत की वृद्धि प्रस्तावित करने पर विचार किया जा रहा है लेकिन सरकार की हरी झंडी मिलने पर ही यह संभव हो सकेगा।
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बिजली
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विस्तार
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उपभोक्ताओं को बढ़ी बिजली दरों का झटका जल्द लग सकता है। राज्य विद्युत नियामक आयोग ने 2023-24 के वार्षिक राजस्व आवश्यकता (एआरआर) व टैरिफ प्रस्ताव दाखिल करने के लिए बिजली कंपनियों को दो माह का अतिरिक्त समय देने से इनकार कर दिया है। आयोग के आदेश के बाद पावर कॉर्पोरेशन एआरआर व टैरिफ प्रस्ताव को अंतिम रूप देने में जुटा है। जल्द ही आयोग में प्रस्ताव दाखिल किया जाएगा। 

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मल्टी ईयर टैरिफ फॉर डिस्ट्रीब्यूशन एंड ट्रांसमिशन (यूपीईआरसी) रेगुलेशन 2019 के प्रावधानों के अनुसार प्रत्येक वर्ष 30 नवंबर तक अगले वित्तीय वर्ष का एआरआर व टैरिफ प्रस्ताव दाखिल कर दिया जाना चाहिए। पावर कॉर्पोरेशन ने 29 नवंबर 2022 को आयोग से प्रस्ताव दाखिल करने के लिए दो महीने का अतिरिक्त समय मांगा था। आयोग ने इसे अस्वीकार कर दिया है। इसलिए देर से प्रस्ताव दाखिल करने के लिए बिजली कंपनियों पर पेनाल्टी भी लगाई जा सकती है।

सूत्रों का कहना है कि प्रदेश में बीते तीन साल से बिजली दरें नहीं बढ़ी हैं। दूसरी तरफ बिजली कंपनियों का घाटा साल दर साल बढ़ता जा रहा है। ऐसे में इस बार दरों में औसतन 15-20 प्रतिशत की वृद्धि प्रस्तावित करने पर विचार किया जा रहा है लेकिन सरकार की हरी झंडी मिलने पर ही यह संभव हो सकेगा।
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वहीं, दरें बढ़ाने में एक बड़ी अड़चन यह भी है कि बिजली कंपनियों पर उपभोक्ताओं की 25,133 करोड़ रुपये की देनदारी निकल रही है। साथ ही निकाय चुनाव सिर पर हैं और अगले साल लोकसभा चुनाव भी होना है। सरकार उपभोक्ताओं की नाराजगी का जोखिम उठाने को तैयार होगी, इसके आसार कम हैं। ऐसे में सीधे तौर पर दरों में इजाफा करने के बजाय अन्य विकल्प भी तलाशे जा रहे हैं। 

सूत्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री की मंजूरी लेने के बाद ही टैरिफ प्रस्ताव दाखिल किया जाएगा। इस बीच आयोग ने ट्रांसमिशन कॉर्पोरेशन के वर्ष 2023-24 के  एआरआर में मिली कमियों पर जवाब तलब किया है। एनपीसीएल ने भी आयोग में 2023-24 का एआरआर दाखिल कर दिया है। माना जा रहा है कि जल्द इन दोनों कंपनियों के एआरआर पर कार्यवाही शुरू होगी।

उधर, राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने बुधवार को नियामक आयोग के अध्यक्ष आरपी सिंह और सदस्य वीके श्रीवास्तव से मिलकर अपनी पुरानी याचिका की मांग को दोहराया। इसमें कहा गया है कि बिजली कंपनियों पर उपभोक्ताओं के निकल रहे 25,133 करोड़ रुपये के एवज में वर्ष 2023-24 के टैरिफ आर्डर में बिजली दरों में कमी की जाए। 

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