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UP News : शिवपाल ने बेटे आदित्य को बनाया प्रसपा का प्रदेश अध्यक्ष, नए सिरे से पार्टी को खड़ी करने की कोशिश

Wed, 10 Aug 2022 12:32 AM IST
पंकज श्रीवास्‍तव अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ

सार

शिवपाल सिंह यादव ने बेटे आदित्य को प्रगतिशील समाजवादी पार्टी का प्रदेश अध्यक्ष बनाया है। बताया जा रहा है कि शिवपाल सिंह यादव बेटे के जरिए पार्टी को गतिशील करने का प्रयास करेंगे। लंबे समय से प्रदेश अध्यक्ष का इंतजार हो रहा था।
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शिवपाल सिंह यादव। - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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पूर्व कैबिनेट मंत्री शिवपाल सिंह यादव ने प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) की जिम्मेदारी बेटे आदित्य यादव अंकुर को सौंपी है। अंकुर के नेतृत्व को पार्टी को नए सिरे से खड़ी करने की तैयारी है। करीब 10 साल से सियासत में सक्रिय आदित्य को प्रदेश अध्यक्ष बनाने के पीछे बड़ी वजह संगठन की एकजुटता है। आदित्य के सामने नए सिरे से पार्टी को सक्रिय करने की चुनौती होगी।

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सपा से अलग होने के बाद शिवपाल सिंह यादव ने नवंबर 2018 में प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) का गठन किया। वह खुद राष्ट्रीय अध्यक्ष बने और सुंदरलाल लोधी को प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया। विधान सभा चुनाव 2022 से ठीक पहले शिवपाल सिंह ने पार्टी से इस्तीफा दिया और सपा की सदस्यता ले ली। टिकट वितरण के दौरान मची उठापटक के बीच शिवपाल के खास लोगों ने प्रसपा छोड़ दी। चुनाव बीता। पार्टी ने नए सिरे से मंथन शुरू किया।

मई में पार्टी की सभी कार्यकारिणी भंग कर नए सिरे से पुर्नगठन की कवायद शुरू की गई। इस बीच विभिन्न फ्रंटल संगठनों के प्रदेश अध्यक्ष घोषित किए गए, लेकिन मुख्य कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष की घोषणा नहीं की गई। पार्टी में कई चेहरों पर विचार किया, लेकिन लेकिन किसी न किसी रूप में एकजुटता को लेकर आश्वस्त नहीं हो पाई। आखिरकार सभी की निगाह पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव आदित्य यादव अंकुर पर टिकी। मंगलवार को उन्हें प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने की  घोषणा की गई। उन्हें जल्द से जल्द प्रदेश कार्यकारिणी विस्तार करने का निर्देश दिया गया है।
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चुनौतियां भी कम नहीं
आदित्य यादव के सामने प्रसपा के प्रदेश अध्यक्ष के  रूप में चुनौतियां भी कम नहीं होंगी। वह ऐसे वक्त पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष बनाए गए हैं, जब पार्टी में सियासी नब्ज पर नजर रखने वाले नेताओं की कमी है।चुनाव के दौरान की गतिविधियों की वजह से कार्यकर्ताओँ का उत्साह कम हुआ है। ऐसे में पार्टी में रहकर सक्रिय भूमिका बनाए रखने वाले नेताओं को साथ लेकर चलना होगा। अपने आसपास ऐसे नेताओं की भीड़ जुटानी होगी, जो वास्तविक जनाधार वाले नेता हों। जिनकी आवाज पर कार्यकर्ताओं की भीड़ इकट्ठी हो जाए। ताकि विपक्ष की भूमिका निर्वहन करने में कोई परेशानी न हो।

शिवपाल के लिए खेवनहार बनेंगे आदित्य
सहकारिता से सियासी कैरियर की शुरुआत करने वाले आदित्य यादव जिला सहकारी बैंक इटावा के निर्विरोध अध्यक्ष रहे। वह यूूपी कोआपरेटिव फेडरेशन के चेयरमैन रहे हैं। इसके बाद ग्लोबल बोर्ड इंटरनेशनल को आपरेटिव एलांस के निदेशक भी चुने गए। यूपी की सक्रिय सियासत में वह वर्ष 2017 के विधान सभा चुनाव में उभर कर सामने आए। आदित्य यादव ने शिवपाल के चुनाव का संचालन किया और भारी मतों से जीताने में कामयाब रहे। इस बार भी विधानसभा चुनाव के दौरान जसवंत नगर क्षेत्र में वह पूरी तत्परता से सक्रिय रहे। प्रसपा की परिवर्तन यात्रा के संयोजन की जिम्मेदारी भी निभाई।

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