नगर विकास विभाग ने कुत्तों की आबादी को नियंत्रित करके लिए ‘आदर्श कार्यवाही प्रक्रिया’ (एसओपी) जारी कर दी है। एसओपी के मुताबिक अब विदेशी नस्ल का कुत्ता पालने के लिए नगर निकायों में पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा। साथ ही उनके नियमित टीकाकरण का प्रमाण पत्र भी मालिकों को देना होगा। इसके अलावा लखनऊ को छोड़कर शेष 16 नगर निगमों में तीन चरणों में ‘एनिमल बर्थ कंट्रोल’ (एबीसी) सेंटर का निर्माण कराया जाएगा।
लखनऊ में यह सेंटर तैयार हो चुका है। पहले चरण में गाजियाबाद, कानपुर, प्रयागराज, अलीगढ़, फि रोजाबाद एवं वाराणसी में एबीसी सेन्टर का निर्माण कराया जाएगा। ‘द एनिमल बर्थ कंट्रोल डॉग्स रूल्स-2001’ के अनुसार प्रत्येक नगर निगम, नगर पालिका परिषद और नगर पंचायतों के स्तर पर समितियों का गठन दो महीने के भीतर किया जाएगा।
प्रमुख सचिव नगर विकास अमृत अभिजात ने सभी नगर निकायों को अपने यहां अनिवार्य रूप से एसओपी को लागू करने के निर्देश दिए हैं। एसओपी के मुताबिक निराश्रित कुत्तों की संख्या नियंत्रित करने के लिए कचरा स्थलों और गोश्त बिक्री की दुकानों की कड़ी निगरानी की जाएगी। अमूमन ऐसे स्थानों पर ही आवारा कुत्तों की संख्या अधिक होती है।
एसओपी मानक के अनुसार प्रत्येक 100 लोगों पर तीन कुत्तों का अनुपात है। देशी कुत्तों को पालतू बनाने के लिए लोगों को जहां जागरूक किया जाएगा, वहीं, देशी निराश्रित कुत्तों को गोद लेने वाले परिवारों को नगर निकाय में रजिस्ट्रेशन से छूट दी जाएगी। साथ ही ऐसे कुत्तों की नसबंदी एवं पहला टीका निशुल्क लगाया जाएगा। प्रदेश में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या और लोगों के घायल करने की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट के आदेश के क्रम में एसओपी जारी की गई है।
प्रमुख सचिव ने सभी नगर निकायों को बिना लाइसेंस के संचालित विदेशी नस्ल के कुत्तों की बिक्री दुकानों और प्रजनन केंद्रों को तत्काल बंद कराने के निर्देश दिए हैं। एसओपी के मुताबिक प्रदेश के 17 नगर निगम वाले जिलों के अलावा शेष 58 जिलों में भी आवारा कुत्तों के बंध्याकरण के लिए एबीसी सेंटर खुलेंगे। इनका निर्माण चरणबद्ध तरीके से गाइडलाइन के अनुसार अगले पांच वर्षों में पूरा किया जाएगा।
एसओपी के मुताबिक कुत्तों की जनसंख्या नियंत्रण के लिए लखनऊ नगर निगम द्वारा संचालित जरहरा एनिमल बर्थ कंट्रोल कैंपस में प्रशिक्षण केंद्र बनाया जाएगा। इस संबंध में लखनऊ नगर निगम, भारतीय जीव जंतु कल्याण बोर्ड और प्रशिक्षक संस्था के साथ समन्वय स्थापित कर तीन माह में प्रशिक्षण आरंभ करेगा।
निगरानी के लिए चार सदस्यीय उप समिति गठित
एसओपी के मुताबिक कुत्तों की जनसंख्या नियंत्रण केलिए की जाने वाली सभी कार्यवाही पर नजर रखने के लिए उप्र श्वान पशु जन्म नियंत्रण अनुश्रवण समिति द्वारा विशेष सचिव नगर विकास की अध्यक्षता में चार सदस्यीय उप समिति का भी गठन किया गया है।
इस समिति में निदेशक स्थानीय निकाय द्वारा नामित प्रतिनिधि सदस्य सचिव के अलावा पीपुल्स फॉर एनिमल की सदस्य सचिव गौरी मौलेखी, आमंत्रित सदस्य और उप्र पशु कल्याण बोर्ड के प्रतिनिधि सदस्य होंगे। उप समिति सभी नगर निकायों द्वारा कुत्तों के बंध्याकरण के संबंध में किए जा रहे कार्यों की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। साथ ही कुत्तों के बंध्याकरण कार्यक्त्रस्म में सहभाग के लिए पशु कल्याण संस्थाओं के नामों की सूची भी बनायेगी।