चिकित्सकों और राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त शिक्षकों की तर्ज पर जल निगम (नगरीय) में भी अभियंताओं की सेवानिवृत्त आयु 60 से बढ़ाकर 62 वर्ष करने की तैयारी है। इससे संबंधित प्रस्ताव को जल निगम के निदेशक मंडल ने संस्तुति दे दी है। इस प्रस्ताव को नगर विकास विभाग के पास भेज दिया है।
जल निगम (नगरीय) के प्रबंध निदेशक अनिल कुमार की ओर से भेजे गए प्रस्ताव में तर्क दिया गया है कि जल निगम में अभियंता के 526 पद स्वीकृत हैं। इनमें से 189 पद रिक्त हैं। दूसरे ओर वर्ष 1983, 1984 और 1985 में भर्ती हुए अभियंता अब हर वर्ष सेवानिवृत्त होते जा रहे हैं। ऐसे में दिसंबर 2022 तक 48 अभियंता और सेवानिवृत्त हो जाएंगे। वहीं, जल निगम शहरी और ग्रामीण का बंटवारा होने के बाद 1,238 कर्मी निकायों में समायोजित किए जा चुके हैं।
प्रस्ताव में तर्क दिया गया है कि जल निगम नगरीय के पास अमृत, अमृत-2 और स्वच्छ भारत मिशन के साथ ही राज्य सेक्टर के काम हैं। नई भर्ती न होने और अभियंताओं व तकनीकी कर्मियों की कमी होने के चलते परियोजना को समय से पूरा कराने में बाधा आ सकती है। अत: जल निगम के महत्वपूर्ण व जनोपयोगी कामों को ध्यान में रखते हुए उच्च स्तर पर कार्यरत डिग्रीधारी अभियंताओं की अधिवर्षता आयु 60 से बढ़ाकर 62 वर्ष किया जाना औचित्यपूर्ण है। प्रस्ताव में उत्तर प्रदेश जल निगम कर्मचारी (अधिवर्षता पर सेवानिवृत्ति) विनियमावली-2005 में संशोधन किए जाने का सुझाव भी दिया गया है। प्रस्ताव में यह भी कहा गया है कि वेतन भत्तों आदि का भुगतान जल निगम अपने स्रोतों से वहन करेगा।
उधर जल निगम के प्रस्ताव पर शासन स्तर पर भी मंथन चल रहा है। सूत्रों कहना है कि जल्द ही मुख्यमंत्री के समक्ष यह प्रस्ताव रखा जाएगा। सीएम की सहमति के बाद इस प्रस्ताव को कैबिनेट में रखकर मंजूरी लेकर लागू की जाएगी।