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UP News : आठ बस अड्डों को एनएचएमएल को देने की तैयारी, 23 को पीपीपी मॉडल पर देने के लिए चल रही प्रक्रिया

Fri, 09 Jun 2023 06:52 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ

सार

18 अड्डों पर दोबारा निविदा आमंत्रित करने के लिए कैबिनेट ने मंजूरी दी दी है पर परिवहन विभाग इनमें दस पर ही निविदा आमंत्रित करना चाहता है। 8 पर एनएचएमएल से काम कराने की तैयारी चल रही है।
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विस्तार
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उप्र परिवहन निगम के 23 बस अड्डों को निजी सावर्जनिक सहभागिता (पीपीपी) से विकसित किए जाने की तैयारियों में आठ अड्डों को नेशनल हाइवे मैनजमेंट लॉजिस्टिक लि. (एनएचएमएल) को देने की तैयारी की जा रही है। 18 अड्डों पर दोबारा निविदा आमंत्रित करने के लिए कैबिनेट ने मंजूरी दी दी है पर परिवहन विभाग इनमें दस पर ही निविदा आमंत्रित करना चाहता है। 8 पर एनएचएमएल से काम कराने की तैयारी चल रही है।

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पीपीपी पद्धति पर बस अड्डों को बिल्ड फाइनेंस ऑपरेट एंड ट्रांसफर मॉडल पर विकसित किए जाने की कवायद की जा रही है। इसके लिए परिवहन निगम ने 23 बस अड्डों को चुना था। पिछले साल इसके लिए टेंडर डले तो बस 9 बस अड्डों के लिए ही कंपनियों ने टेंडर डाले। इसमें से एक का टेंडर तकनीकी कारण से रद्द हो गया। ऐसे में केवल आठ बस अड्डों के लिए वित्तीय निविदा खोली गई।

कानपुर, बरेली तथा लखनऊ चारबाग बस अड्डे का टेंडर खुला तो समिति को इसके लिए डाली गई रकम कम लगी। ऐसे में तीनों की निविदाएं भी रद्द कर दी गईं। बाकी पांच बस अड्डों गोमतीनगर लखनऊ, सिविल लाइन प्रयागराज, कौशांबी गाजियाबाद, पुराना गाजियाबाद तथा आगरा फोर्ट की बिड को फाइनल मंजूरी दे दी गई।
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अब इन 18 की दोबारा बिड
लखनऊ चारबाग, अमौसी, वाराणसी कैंट, कानपुर सेंट्रल झकरकटी, जीरो रोड प्रयागराज, सोहराब गेट मेरठ, आगरा का ट्रांसपोर्ट नगर व ईदगाह, रसूलाबाद अलीगढ़, मथुरा ओल्ड, गोरखपुर, साहिबाबाद, अयोध्याधाम, बरेली, बुलंदशहर, गढ़मुक्तेश्वर, मिर्जापुर, रायबरेली बस अड्डे की दोबारा निविदाएं आमंत्रित की जाएंगी।

नया प्रस्ताव होगा तैयार
परिवहन अधिकारियों का कहना है कि एनएचएमएल राष्ट्रीय राज्यमार्ग से जुड़ी एक प्रमाणिक संस्था है और बस टर्मिनल बना चुकी है। ऐसे में आठ बस अड्डों पर इसी से काम कराने और संचालन कराने पर विचार किया जा रहा है। यदि ऐसा करना पड़ेगा तो फिर से इन आठ का प्रस्ताव फिर से कैबिनेट के समक्ष रखना होगा। इसके लिए प्रस्ताव तैयार कराया जाए रहा है ताकि कैबिनेट यदि इसे हरी झंडी दे दे तो इसी पर काम शुरू कराया जा सके।

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