परिषदीय विद्यालयों में फर्जी शिक्षकों की जांच कर उनके खिलाफ कार्रवाई में ढिलाई पर शासन ने नाराजगी जताई है। हर जिले में अपर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित समितियों से 2010 के बाद हुई फर्जी नियुक्तियों की जांच 15 दिन में कराने के लिए कहा गया है। साथ ही फर्जी पकड़े जाने वाले शिक्षकों के विरुद्ध सेवा समाप्ति, एफआईआर व वेतन वसूली की कार्रवाई कराने के दिए निर्देश दिए गए हैं। यही नहीं प्रमुख सचिव बेसिक शिक्षा जल्द ही जिले स्तर पर हुई कार्रवाई की ऑनलाइन समीक्षा करेंगे।
इस संबंध में महानिदेशक स्कूल शिक्षा विजय किरन आनंद ने सभी जिलाधिकारियों को पत्र लिखा है। उनके अनुसार शासन ने 2018 व 2020 के अलग-अलग आदेशों में प्रत्येक जिले में अपर जिला मजिस्ट्रेट की अध्यक्षता में समिति गठित कर परिषदीय विद्यालयों में हुई अनियमित, फर्जी नियुक्तियों की जांच व कार्रवाई के आदेश दिए थे। इस क्रम में अब तक मात्र 1337 फर्जी शिक्षक चिह्नित किए गए हैं।
इनमें 1323 शिक्षकों की ही सेवा समाप्त की गई है जबकि एफआईआर मात्र 1212 शिक्षकों के खिलाफ हुई है। यही नहीं कुल पकड़े गए फर्जी शिक्षकों में से प्रदेश में अब तक मात्र 287 शिक्षकों से वेतन वसूली की कार्रवाई की गई है।