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UP News : विकास कार्यों के साथ सेल्फी लेकर अफसरों को करानी होगी जियो टैगिंग, दिशा-निर्देश जारी

Thu, 03 Aug 2023 10:22 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ

सार

नगर विकास विभाग ने इस व्यवस्था को सभी नगर निकायों में लागू करने के निर्देश दिए हैं । इस प्रक्रिया को पूरी किए बिना योजना के लिए स्वीकृत धनराशि की दूसरी किस्त नहीं जारी की जाएगी ।
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सांकेतिक तस्वीर
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विस्तार
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नगर निकायों द्वारा संचालित विकास की परियोजनाओं में धांधली रोकने के लिए सरकार ने नई व्यवस्था लागू करने का फैसला किया है। इसके तहत परियोजनाओं के लिए दूसरी किस्त तभी जारी की जाएगी, जब परियोजना की देखरेख करने वाला निकाय अधिकारी परियोजना स्थल के साथ सेल्फी लेते हुए जियो टैगिंग कराएगा । नगर विकास विभाग ने इस व्यवस्था को सभी नगर निकायों में लागू करने के निर्देश दिए हैं । इस प्रक्रिया को पूरी किए बिना योजना के लिए स्वीकृत धनराशि की दूसरी किस्त नहीं जारी की जाएगी ।

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बता दें कि मौजूदा समय में नगर विकास विभाग निकायों को विभिन्न योजनाओं के तहत विकास कार्य कराने के लिए धनराशि उपलब्ध कराता है । इन योजनाओं में राज्य वित्त आयोग, 15वें वित्त आयोग, सुविधाओं के लिए अनुदान, नगरीय पेयजल, सीवरेज निकासी, नगरीय झील, तालाब, पोखर संरक्षण योजना, सड़क सुरधार योजना, पं. दीनदयाल उपाध्याय आदर्श नगर पंचायत योजना और नगर विकास विकास योजनाएं शामिल हैं। इन योजनाओं के तहत निकायों को चरणबद्ध तरीके से पैसे दिए जाते हैं।

इधर बीच शासन को विकास कार्यों में विभिन्न स्तरों पर गड़बड़ी की शिकायतें मिल रही थीं। साथ ही तमाम निकायों में जनप्रतिनिधियों द्वारा भी धांधली किए जाने की शिकायतें की जा रही हैं। इसके मद्देनजर नगर विकास विभाग ने विकास परियोजनाओं की जियो टैगिंग कराने के साथ ही संबंधित निकाय के अधिकारी को मौके पर सेल्फी के साथ फोटो विभागीय पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश दिए गए हैं।
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शासन स्तर से सभी नगर निकायों को भेजे गए दिशा-निर्देश के मुताबिक नगर निगमों में अपर नगर आयुक्त या जोनल प्रभारी स्तर के अधिकारी को सेल्फी के साथ जियो टैगिंग करानी होगी। जबकि नगर पालिका परिषद और नगर पंचायतों में यह काम अधिशासी अधिकारी या परियोजना से संबंधित अभियंता को करना होगा। इस प्रक्रिया को पूरी करने के बाद ही परियोजना के लिए दूसरी किस्त जारी की जाएगी। इस व्यवस्था के लागू होने के बाद भविष्य में भी यदि परियोजना से संबंधित शिकायत मिलेगी तो सेल्फी लेने वाले अधिकारी की जिम्मेदारी तय करते हुए उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी ।

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