लोकसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर बसपा प्रमुख मायावती बुधवार को पार्टी के प्रदेश कार्यालय पर पदाधिकारियों की बैठक लेंगी। बैठक में सभी प्रदेश, मंडल एवं जिला स्तर के पदाधिकारियों को बुलाया गया है। इसके अलावा वह गांव चलो अभियान की भी समीक्षा करेंगी।
बसपा लोकसभा चुनाव की तैयारियों को और गति दे रही हैं। हाल ही में मायावती ने इस बाबत बैठक ली थी और कार्यकर्ताओं से कहा था कि बूथ स्तर तक अपनी तैयारी करो। नगर निकाय चुनाव में करारी मात के बाद बसपा ने लोकसभा चुनाव पर ज्यादा ताकत लगाई है। इसके लिए प्रदेश में ''गांव चलो'' अभियान भी शुरू किया गया। बसपा अपने कॉडर वोटर पर तो फोकस कर ही रही है पर साथ ही ज्यादा से ज्यादा मुस्लिमों को जोड़ने की तैयारी में है।
हालांकि निकाय में भी उसका फोकस मुस्लिमों पर था लेकिन इसका सकारात्मक परिणाम नहीं निकल पाया था। अब बसपा लोकसभा में मुस्लिम दलित समीकरण पर ही काम कर रही है। इसकी तैयारी को लेकर मायावती ने बैठक बुलाई है। माना जा रहा है कि बैठक में कई पदाधिकारियों पर गाज गिर सकती है। साथ ही लोकसभा के कुछ उम्मीदवारों के नाम भी फाइनल होने की बात कही जा रही है।
मायावती ने ट्वीट के जरिए इस बैठक की सूचना देते हुए कहा है कि प्रदेश व देश में तेजी से बदल रहे हालात, उससे संबंधित खास घटनाक्रमों एवं समीकरणों के साथ ही चुनाव की तैयारियों को लेकर यह बैठक बुलाई गई है।
पटना की बैठक में नहीं है मायावती को न्यौता
बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने पटना में 23 जून को विपक्षी एकता बैठक बुलाई है। इसमें बसपा को न्यौता नहीं दिया गया है। बैठक के सिलसिले में नीतीश कुमार लखनऊ आए थे। वह सपा प्रमुख अखिलेश यादव से तो मिले पर उन्होंने मायावती से मुलाकात नहीं की थी। अब पटना में हो रही बैठक पर सभी की निगाहें हैं और बसपाई खेमे में इससे हलचल भी है। माना जा रहा है कि 21 जून को बुलाई गई बैठक इसी का नतीजा है।