प्रदेश में संपर्क मार्ग अब सीधे हाईवे में नहीं मिलाए जाएंगे। यात्री सर्विस लेन के माध्यम से ही संपर्क मार्ग से हाईवे पर आ सकेंगे। सड़क हादसों में कमी लाने के लिए यह फैसला किया गया है। इसके लिए सभी खंडों को जरूरी निर्देश दे दिए गए हैं।
उत्तर प्रदेश में पीडब्ल्यूडी के अंतर्गत 2.70 लाख किमी लंबी सड़कें हैं। इनकी कुल संख्या 114475 है। इनमें से अधिकतर ग्रामीण और जिलास्तरीय मार्ग हैं। कमोबेश सभी जिलों में तमाम ग्रामीण व जिलास्तरीय सड़कें राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों से सीधे जोड़ दी जाती हैं, जिससे वे हादसे के प्वाइंट बन जाते हैं। कुछ समय पहले लखनऊ में हुई इंडियन रोड कांग्रेस में यह मुद्दा प्रमुखता से उठा था।
सड़क विशेषज्ञों की राय थी कि इस तरह के क्रॉस खराब डिजाइन के नमूने हैं। इसलिए इन खामियों को ठीक करने के लिए तत्काल कदम उठाए जाने की जरूरत है। पीडब्ल्यूडी ने अपने सभी खंडों को निर्देश भेजकर इस तरह के प्वाइंट्स की जानकारी भेजने को कहा है, ताकि उन्हें दुरुस्त किया जा सके।
इंजीनियरों का कहना है कि इस समस्या का हल जंक्शन प्वाइंट पर सर्विस लेना देना है, ताकि समस्या का समाधान हो सके। इस बारे में पीडब्ल्यूडी मंत्री जितिन प्रसाद का कहना है कि सड़क सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। जहां भी डिजाइन की वजह से समस्या पैदा हो रही होगी, उन्हें ठीक कराया जाएगा। इस काम के लिए हमारे पास बजट की कोई कमी नहीं है।