एक कोर्ट से दूसरे कोर्ट तक की भागदौड़ को कम करने और न्यायिक प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए दस जिलों में पायलट प्रोजेक्ट के तहत एकीकृत न्यायालय परिसर बनाए जाएंगे। जहां एक ही छत के नीचे सभी न्यायालयों के साथ न्यायधीशों के चेंबर, मीटिंग हॉल, वीडियो कोर्ट, पार्किंग और कैंटीन भी होगी।
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एकीकृत न्यायालय पायलट प्रोजेक्ट के तहत महोबा, हाथरस, चंदौली, शामली, अमेठी, हापुड़, औरैया, सोनभद्र, संभल और चित्रकूट का चयन किया गया है। मंगलवार को विधानसभा से पास अनुपूरक बजट के माध्यम से इस विशेष परियोजना के लिए 400 करोड़ दिए गए हैं। इन परिसर में वाणिज्यिक न्यायालय, विविध, ट्रिब्यूनल, फास्ट ट्रैक कोर्ट और लोक अदालत बनेंगी। न्यायालय में अधिवक्ता चेंबर, सभागार के साथ ही न्यायाधीशों और न्यायिक अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए आवासीय कॉलोनी और फूड प्लाजा भी बनाए जाएंगे।