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UP News : कई जिले में फैली संक्रामक बीमारी, नौ में डिप्थीरिया की पुष्टि, टीमें भी बीमारी रोकने में असफल

Sun, 28 Aug 2022 08:56 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ

सार

बीमारी फैलने के कारणों की जांच के बजाय मलेरिया व डेंगू रोगी अभियान चलाकर कर्तव्यों की इतिश्री की जा रही है। लोगों का आरोप है कि बच्चों की मौत के बाद भी स्वास्थ्य विभाग संजीदा नहीं है।
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बुखार - फोटो : pexels.com
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विस्तार
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प्रदेश के कई जिलों में संक्रामक बीमारी फैली है। बच्चों की मौत हो रही है। नौ बच्चों में डिप्थीरिया की पुष्टि हुई है। इसके बाद भी स्वास्थ्य विभाग इसे सामान्य संक्रमण मान रहा है। बीमारी फैलने के कारणों की जांच के बजाय मलेरिया व डेंगू रोगी अभियान चलाकर कर्तव्यों की इतिश्री की जा रही है। लोगों का आरोप है कि बच्चों की मौत के बाद भी स्वास्थ्य विभाग संजीदा नहीं है।

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प्रदेश में पश्चिम से पूरब तक मामूली बारिश होने के बाद संक्रामक बीमारियां पैर पसार रही हैं। कई जिलों में पूरा का पूरा गांव संक्रामक बीमारी की चपेट में है। विभागीय आंकड़ों के मुताबिक अब तक बांदा में छह, बलिया में दो और कन्नौज में एक बच्चे में डिप्थीरिया की पुष्टि हो चुकी है। केजीएमयू की लैब में हर दिन तीन से चार बच्चे में इस बीमारी की पुष्टि हो रही है। इसके बाद भी स्वास्थ्य विभाग की सक्रियता नहीं दिख रही है। विभाग की स्थानीय टीम मरीजों के सैंपल भेजने और साफ सफाई कराने तक ही सीमित है। वहीं प्रदेश स्तर पर सर्विलांस टीम होने का दावा किया जा रहा है लेकिन ये टीमें बीमारी रोकने में असफल हैं।

क्या कहती हैं जिम्मेदार
बांदा में छह, बलिया में दो, कन्नौज में एक बच्चे में डिप्थीरिया की पुष्टि हुई है। जबकि लखीमपुर खीरी व अन्य जिलों में मलेरिया से बच्चे बीमार हुए हैं। सभी सीएमओ को निर्देश दिया है कि जिन गांवों में बच्चे बीमार हैं, वहां टीमें भेज कर जांच कराएं। -डॉ. लिली सिंह, महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य
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क्या कहते हैं विशेषज्ञ
डिप्थीरिया के मरीज आमतौर पर सर्दी के शुरुआती दिनों में आते हैं। इस मौसम में मरीजों का मिलना चौंकाने वाला है। यह संक्रामक बीमारी है। इसमें बुखार, नाक बहना, गले में दर्द, ग्रंथियों में सूजन, गले से लेकर सांस नली तक संक्रमण हो जाता है। लक्षण मिलते ही बच्चों को अलग रखना चाहिए और तत्काल उपचार शुरू कर देना चाहिए। -डॉ. एसएन सिंह, बाल रोग विशेषज्ञ, केजीएमयू

बांदा में छह मरीजों में पुष्टि
बांदा जिले में कई गांव संक्रामक बीमारी की चपेट में हैं। यहां तीन बच्चों की मौत हो गई है, जबकि छह बच्चों में डिप्थीरिया की पुष्टि हुई है। करीब 50 बच्चों के सैंपल भेजे गए हैं।

फर्रुखाबाद में एक की मौत
फर्रुखबाद में नौ बच्चों में डिप्थीरिया जैसे लक्षण मिले हैं। एक बच्चे की मौत हो चुकी है। करीब 20 से ज्यादा बच्चे बीमार हैं। इनका जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है।

बदायूं में कई जगह मलेरिया 
बदायूं के बिलहरी, रायपुर सहित कई गांवों में बच्चे संक्रामक बीमारी से ग्रस्त हैं। यहां स्वास्थ्य विभाग ने मलेरियारोधी अभियान चलाने के बाद मरीजों को उनके हाल पर छोड़ दिया।

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