प्रदेश में जिन सहकारी समितियों पर कम्प्यूटर की व्यवस्था है, वहां किसानों को ऑनलाइन पर्ची दी जाएगी। इस पर्ची के जरिए वे खाद ले सकेंगे। इससे लंबी लाइन भी नहीं लगेगी और पारदर्शिता भी बनी रहेगी। पूरी व्यवस्था को लागू करने के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित की गई है। इस कमेटी की रिपोर्ट के बाद वितरण की नई व्यवस्था लागू की जाएगी।
प्रदेश में रबी अभियान शुरू हो गया है। समितियों पर खाद भेजी जा रही है। आलू उत्पादन वाले जिलों में समितियों पर किसानों की भीड़ पहुंचने लगी है। ऐसे में खरीफ अभियान में आई दुश्वारियों से सबक लेते हुए सहकारिता विभाग ने वितरण की नई रणनीति अपनाई है।
तय किया गया है कि जिन समितियों का कम्प्यूटरीकरण किया जा चुका है, वहां ऑनलाइन व्यवस्था को बेहतर बनाया जाए। इस पूरी व्यवस्था को लागू करने के लिए व्यवसायिक प्रक्रिया पुनर्निर्धारण कमेटी का गठन किया गया है।
कमेटी का किया गठन
व्यवस्थाओं को बेहतर करने के लिए कमेटी का गठन किया गया है। यह कमेटी समितियों पर व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने और कम संसाधन में अधिक सुविधाएं देने का सुझाव देगी। कोशिश है कि किसानों को बिना लाइन में लगे उनकी जरूरत के हिसाब से खाद मिल सके। सहकारिता के आयुक्त एवं निबंधक योगेश कुमार ने बताया, इस पूरी व्यवस्था को लागू करने के लिए व्यवसायिक प्रक्रिया पुनर्निर्धारण कमेटी का गठन किया गया है।
रत्नाकर सिंह को अध्यक्ष बनाया गया
तीन सदस्यीय कमेटी में उप आयुक्त एवं उप निबंधक रत्नाकर सिंह को अध्यक्ष बनाया गया है। इसी तरह सहायक आयुक्त वैशाली सिंह एवं जयपाल और अपर जिला सहकारी अधिकारी वैशाली यादव को सदस्य नामित किया गया है।
यह कमेटी समितियों पर उर्वरक वितरण की पूरी वैज्ञानिक प्रक्रिया को स्मार्ट बनाने के संबंध में अपनी रिपोर्ट देगी। कमेटी के सुझाव के आधार पर तकनीक का प्रयोग करते हुए किसानों को बेहतर सुविधाएं दी जाएंगी। यह कमेटी खरीफ सीजन में आई समस्याओं को भी ध्यान में रखकर रबी सीजन की रणनीति तैयार करेगी।