यूपी के कार्यवाहक डीजीपी विजय कुमार
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डीजीपी विजय कुमार ने आपरेशन दृष्टि के अंतर्गत सीसीटीवी कैमरों की स्थापना के संबंध में मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी की है। उन्होंने कहा कि सीसीटीवी से निगरानी कर अपराध नियंत्रण तथा घटनाओं के अनावरण में उनका उपयोग किया जा सकता है। इससे बेहतर पुलिसिंग करते हुये जनसामान्य खासकर महिलाओं में और सुरक्षा की भावना जागृत की जा सकती है।
डीजीपी ने कहा कि कैमरों के फुटेज का अपराधिक घटनाओं के अनावरण में प्रयोग हो सकेगा। वहीं निर्दोष व्यक्तियों को चिन्हित करने और वास्तविक अपराधी की खोजने में मदद मिलेगी। सेफ सिटी एवं स्मार्ट सिटी में लगने वाले कैमरों के साथ जुड़कर गहन निगरानी हो सकेगी। इसके लिए समाज के विभिन्न वर्गों के संभ्रांत एवं सक्षम व्यक्तियों से संपर्क कर सीसीटीवी कैमरे लगाने के अभियान में सहभागिता की अपील की जाए। मीडिया के माध्यम से भी इस अभियान के बारे में लोगों को जागरूक किया जाए।
सीसीटीवी निर्धारित मानक और अच्छी गुणवत्ता वाले लगाए जाएं। इंटरनेट कनेक्टिविटी और सहवर्ती उपकरणों की भी व्यवस्था हो। कैमरा लगाने के लिए सार्वजनिक स्थानों, चौराहों, तिराहों का चयन करने में थाना प्रभारी, सीओ एवं अन्य अधिकारी खास रुचि लें। पूर्व में घटित घटनाओं की जगहों तथा आपराधिक दृष्टि से संवेदनशील स्थानों का चयन किया जाये। सीसीटीवी कैमरे स्थापित कराने वाले निवासियों एवं नागरिकों को सम्मानित किया जाये। सीसीटीवी कैमरों को थाना, चौकी, बीट वार सूचीबद्ध किया जाये। इनका विवरण बीट आरक्षी द्वारा अपनी बीट बुक में भी अंकित किया जाये।
कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (वीडियो वॉल) होगा स्थापित
कैमरों के बेहतर उपयोग तथा इनके फुटेज के बेहतर विश्लेषण के लिए पुलिस कंट्रोल रूम, यूपी-112 कंट्रोल रूम में ऑपरेशन दृष्टि का कंट्रोल रूम स्थापित किया जायेगा, जिससे किसी घटना की स्थिति में विभिन्न स्थानों के बीच लगे हुए कैमरों के फुटेज का तुलनात्मक अध्ययन करते हुए विश्लेषण किया जा सके। इस कंट्रोल रूम के द्वारा शहर में लगाये गये सीसीटीवी कैमरों की लाइव मॉनिटरिंग भी की जायेगी ।
पशु क्रूरता संबंधी मामलों के लिए एडिशनल एसपी को बनाया नोडल अधिकारी
डीजीपी विजय कुमार ने पशु क्रूरता संबंधी शिकायतों का समाधान करने के लिए एडिशनल एसपी रैंक के अधिकारी को नोडल अधिकारी बनाने का निर्देश दिया है। नोडल अधिकारी स्टेट एनिमल वेलफेयर बोर्ड और सोसाइटी फॉर प्रिवेंशन ऑफ क्रूएलिटी टू एनिमल से समन्वय स्थापित कर त्वरित गति से शिकायतों का समाधान कराएंगे। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर वर्ष 2010 में पशुधन मंत्री की अध्यक्षता में 13 सदस्यीय बोर्ड का गठन किया गया था। वहीं, हर जिले में डीएम की अध्यक्षता में सोसाइटी का गठन हुआ है।