उप मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि विभाग के वरिष्ठ डॉक्टर हों अथवा रेजिडेंट सभी एप्रिन पहनकर ही ड्यूटी करें। लैब टेक्नीशियन, स्टाफ नर्स, मैटर्न आदि भी तय ड्रेस में ही अस्पताल आएं।
सरकारी अस्पताल व मेडिकल कॉलेजों में डॉक्टर-कर्मचारी अपनी निर्धारित ड्रेस पहनकर ही ड्यूटी करें। बिना ड्रेस ड्यूटी करने वाले चिकित्सकों एवं कर्मचारियों को रोका जाए। ताकि मरीजों एवं तीमारदारों को पहचानने में असुविधा न हो। यह निर्देश उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने दिए। वह मंगलवार को मेडिकल कॉलेजों के प्रधानाचार्य, अधीक्षकों एवं अस्पतालों के अधीक्षकों की वर्चुअल बैठक को संबोधित कर रहे थे।
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उप मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि विभाग के वरिष्ठ डॉक्टर हों अथवा रेजिडेंट सभी एप्रिन पहनकर ही ड्यूटी करें। लैब टेक्नीशियन, स्टाफ नर्स, मैटर्न आदि भी तय ड्रेस में ही अस्पताल आएं। इसी तरह संविदा कर्मचारी भी निर्धारित ड्रेस में रहें। इसमें किसी भी दशा में लापरवाही न बरतें। निर्देश के बाद भी ड्रेस नहीं पहनने वालों के वेतन में कटौती की जाए। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों एवं कर्मचारियों के ड्रेस में होने से ओपीडी व इमरजेंसी में अव्यवस्था नहीं होगी। कई बार कर्मचारियों में यह भ्रम रहता है कि कौन डॉक्टर है और कौन कर्मचारी ड्यूटी कर रहा है।