कार्यदायी संस्थाओं को भुगतान में देरी करने वाले तीन अधिशासी अभियंताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। पावर कारपरेशन के अध्यक्ष एम देवराज ने तीनों के खिलाफ आरोप पत्र जारी करने का निर्देश दिया है। साथ ही खांडीय लेखाकार को निलंबित कर दिया है। अभियन्ताओं के विरूद्ध कार्यवाही के बाद ट्रान्समिषन कारपोरेशन में हडकम्प है। इस कार्यवाई के बाद कारपोरेशन से जुड़ी कार्यदायी संस्थाओं के लम्बित 125 करोड़ के बीजकों को भुगतान के लिए अनुमोदित कर दिया गया।
उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन एवं ट्रांसमिशन कारपोरेशन के अध्यक्ष ने कार्यदाई संस्थाओं का कार्य पूरा होने के बाद उनके भुगतान में देरी न करने का निर्देश दिया था। इसके बाद भी तमाम अभियंताओं ने कार्यदायी संस्थाओं के बीजकों को भुगतान के लिए अनुमोदन में देरी की। इसका कारण पूछने पर अधिशासी अभियंता कोई जवाब नहीं दे पाए। ऐसे में विद्युत पारेषण खण्ड, मुजफ्फरनगर के अधिषाशी अभियन्ता विकास उपाध्याय, 400 केवी उपकेन्द्र मुरादनगर द्वितीय के अधिषाशी अभियन्ता डीएस सेंगर एवं विद्युत पारेशण खण्ड, रामपुर के अधिषाशी अभियन्ता शुभम खडायत के विरूद्ध आरोप पत्र निर्गत किया गया।
इसके अतिरिक्त कार्य में रूचि न लेने एवं कार्यस्थल से अनुपस्थित होने के परिपेक्ष्य में विद्युत पारेषण खण्ड, उन्नाव के खण्डीय लेखाकार अमित प्रकाष को निलम्बित किया गया। अध्यक्ष की सख्ती के बाद शुक्रवार दोपहर बाद तक विभिन्न खंडों में लगभग 125 करोड़ के बीजकों को भुगतान के लिए अनुमोदित किया गया।
बिल सुधार की सख्त चेतावनी
पावर कारपोरेशन के अध्यक्ष एम देवराज ने शुक्रवार को सभी प्रबंध निदेशकों एवं मुख्य अभियंताओं को निर्देश दिया कि बिल सुधार में किसी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। जहां भी बिजली बिल संबंधी गड़बड़ियां पाई गई हैं उसे तत्काल सुधारा जाए और उसकी जानकारी भी दी जाए। बिजली बिल में गड़बड़ी करने वाले मीटर रीडर संस्थाओं के कर्मचारियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए। जहां भी अभियंताओं की मिलीभगत मिले उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाए। कारपोरेशन अध्यक्ष ने बिजली बिल सुधार, इस मामले में जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई को भी राजस्व वसूली समीक्षा में शामिल करने का निर्देश दिया है।