सीएम योगी ने प्रदेश के 75 जनपदों में 20,324 स्वास्थ्य शिविरों की शुरुआत की, जहां रक्त, ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, ओरल कैंसर, स्तन कैंसर, सर्वाइकल कैंसर, एनीमिया और टीबी की निशुल्क जांच होगी। उन्होंने कहा कि यह अभियान गर्भवती महिलाओं की प्रसवपूर्व देखभाल, बच्चों के टीकाकरण और जागरूकता पर केंद्रित है। 507 रक्तदान शिविर भी आयोजित होंगे, जिसमें युवाओं को प्रोत्साहित किया जाएगा। सीएम योगी ने स्वास्थ्य विभाग की तैयारियों की सराहना की और बताया कि यह 15 दिन का पखवाड़ा न केवल जांच, बल्कि निशुल्क उपचार का माध्यम बनेगा। चिकित्सा विशेषज्ञों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए आरोग्य मंदिरों, समुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और मेडिकल कॉलेजों को जोड़ा गया है।
नारी सशक्तीकरण की दिशा में सरकार बढ़ा रही मजबूत कदम
योगी ने नारी सशक्तीकरण की योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, मातृ वंदना, कन्या सुमंगला और नारी शक्ति वंदन अधिनियम जैसे कदम उठाए गए हैं, जिनका स्वागत नया भारत कर रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले आठ वर्षों में यूपी सरकार ने बेटी की निशुल्क शिक्षा और कन्या सुमंगला योजना के तहत 25,000 रुपये का पैकेज दिया, जबकि सामूहिक विवाह योजना में हर बेटी की शादी के लिए 1 लाख रुपये की सहायता दी गई। सीएम योगी ने कहा कि 1.89 लाख आंगनबाड़ी केंद्रों और 10 लाख महिला स्वयं-सहायता समूहों के साथ 1 करोड़ महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया है। उन्होंने कहा कि THR प्लांट्स से 60,000 बहनें 8,000 रुपये मासिक कमा रही हैं, और नेफेड के सहयोग से यह आय बढ़ेगी।