प्रदेश के संस्कृत विद्यालयों में विद्यार्थियों का नामांकन बढ़ाने के लिए नए सत्र 2023-24 में दो चरणों में प्रवेश कराया जाएगा। वहीं फरवरी में बोर्ड परीक्षा प्रस्तावित की गई है। इसके साथ ही विद्यार्थियों को सप्ताह में एक दिन लाइब्रेरी में समय देने के लिए प्रेरित किया जाएगा, ताकि वे अपनी जरूरत के अनुसार किताबें पढ़ने के लिए प्रेरित हों।
माध्यमिक संस्कृत शिक्षा परिषद ने नए सत्र का शैक्षिक कैलेंडर का जारी कर दिया है। इसके अनुसार सत्र में प्रवेश प्रक्रिया एक उत्सव की तरह होगी। पहला प्रवेश उत्सव एक से 30 अप्रैल तक आयोजित किया जाएगा। वहीं पंद्रह अप्रैल तक सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर पठन-पाठन शुरू कर दिया जाएगा। शिक्षक अभिभावक संघ की बैठक 07 मई और 07 दिसंबर को आयोजित की जाएगी। 01 से 20 मई तक अप्रैल में सीखी गई विषयवस्तु की पुनरावृत्ति की जाएगी।
जबकि 21 मई से 30 जून तक गर्मी की छुट्टी होगी। वहीं दूसरा प्रवेश उत्सव 01 से 15 जुलाई के बीच आयोजित किया जाएगा। इसी क्रम में पूर्व मध्यमा में आंतरिक मूल्यांकन अगस्त, अक्तूबर व जनवरी में होगा। तिमाही परीक्षा सितंबर और छमाही नवंबर में होगी। प्री बोर्ड जनवरी में और वार्षिक परीक्षाएं फरवरी में प्रस्तावित की गई है। प्रायोगिक परीक्षा 01 से 14 फरवरी तक, लिखित परीक्षा 15 फरवरी से 10 मार्च तक होंगी। मूल्यांकन 20 से 30 मार्च तक होगा और परिणाम अप्रैल 2024 में जारी होगा।
विद्यालयों में होगा पर्यावरण क्लब का गठन
प्रत्येक विद्यालय में पर्यावरण क्लब का भी गठन किया जाएगा। इसके माध्यम से बच्चों से पौधरोपण कराकर उनको पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरित करेंगे। जल संरक्षण व स्वच्छता के लिए भी जागरूक करेंगे। इसी क्रम में निर्वाचन साक्षरता क्लब के माध्यम से पूर्व मध्यमा से उत्तर मध्यमा तक के विद्यार्थियों को निर्वाचन से जुड़ी प्रक्रिया की जानकारी देंगे। हर विद्यालय में स्काउट एंड गाइड के दल का गठन किया जाएगा।