नशे का अवैध कारोबार करने वालों के खिलाफ एनएसए और गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई होगी। अवैध धन से अर्जित संपत्तियों को भी सरकार जब्त करेगी। बड़े पैमाने पर शुरू हो रहे अभियान के लिए तैयारी पूरी की जा रही है। इसके लिए गठित की गई एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) का गठन किया गया है। डीआईजी अब्दुल हमीद को इसका मुखिया बनाया गया है। वहीं एडीजी अपराध एमके बशाल के पर्यवेक्षण में यह फोर्स काम करेगी।
एडीजी क्राइम एमके बशाल ने बताया कि इस फोर्स में विभिन्न विभागों के कर्मियों को भी प्रतिनियुक्ति पर लिया जाएगा। मसलन ड्रग इंस्पेक्टर, फार्मासिस्ट, आबकारी विभाग के अधिकारियों को प्रतिनियुक्ति पर लिया जाएगा। इसके अलावा केंद्र के विभिन्न विभाग नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो, सेंट्रल ब्यूरो आफ नारकोटिक्स, डायरेक्ट्रेट आफ रेवेन्यू इंटेलीजेंस के अधिकारियों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर उनकी मदद ली जाएगी।
बशाल ने बताया कि एएनटीएफ में डीआईजी के अलवा दो एसपी, दो एडीशनल एसपी, पांच डिप्टी एसपी की तैनाती की जाएगी। इसके अलावा सिपाही से लेकर इंस्पेक्टर तक के लगभग 250 कर्मियों की तैनाती की जाएगी। अब तक एएनटीएफ में केवल एक डीआईजी की तैनाती की गई है। वहीं सूत्रों केअनुसार पहले चरण में एएनटीएफ के कुल तीन थाने गठित किए जाएंगे। इसमें बाराबंकी के अलावा मेरठ व गोरखपुर शामिल होगा। पहले बाराबंकी और गाजीपुर का प्रस्ताव था, लेकिन इसमें संशोधन कर दिया गया है।
नेपाल बार्डर पर भी निगरानी करेगी एएनटीएफ की टीम
एएनटीएफ की टीम नेपाल बार्डर पर भी निगरानी करेगी। कार्यवाहक डीजीपी देवेंद्र सिंह चौहान की ओर से इस संबंध में विस्तृत सर्कुलर जारी किया गया है। सर्कुलर में कहा गया है कि नेपाल और भारत की अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर कई स्थानों पर सीमाएं खुली हुई हैं। यहां तस्करों को रोकने के लिए पुलिस का समुचित प्रबंध भी नहीं है। डीजीपी की ओर से खुले स्थानों को सूचीबद्घ करते हुए तस्करी रोकने के लिए खुले बार्डर पर योजनाबद्घ व्यवस्थापन के निर्देश दिए गए हैं।
डीजीपी ने कहा है कि अवैध मिलावटी शराब, रेक्टिफाइड स्प्रिट, शराब बनाने में प्रयुक्त केमिकल और मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए हॉट स्पॉट चिन्हित किए जाएंगे और चेक पोस्ट, बैरियर लगाकर क्यूआरटी तैनात की जाएगी और सघन चेकिंग की जाएगी। डीजीपी की ओर से यह भी कहा गया है कि ऐसे अपराधों में लिप्त अपराधियों के खिलाफ आबकारी अधिनियम, एनडीपीएस एक्ट की धाराओं में कार्रवाई के साथ-साथ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून व गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी।