शासनादेश के अनुसार दिव्यांग होने की स्थिति में 20, पति-पत्नी के राजकीय सेवा में होने पर साथ तैनाती के लिए 20, गंभीर रूप से खुद के बीमार होने या बच्चों के दिव्यांग होने की स्थिति में 15 नंबर दिए जाएंगे।
प्रदेश में सरकारी अधिकारियों-कर्मचारियों के सालाना स्थानांतरण के लिए मेरिट आधारित स्थानांतरण के निर्देश हैं। इसी क्रम में शासन ने स्थानांतरण के लिए भारांक तय कर दिए हैं। नौकरी के दौरान यदि दंडित हुए तो लघु व दीर्घ दंड के हिसाब से पांच से दस नंबर काटे जाएंगे।
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शासनादेश के अनुसार दिव्यांग होने की स्थिति में 20, पति-पत्नी के राजकीय सेवा में होने पर साथ तैनाती के लिए 20, गंभीर रूप से खुद के बीमार होने या बच्चों के दिव्यांग होने की स्थिति में 15 नंबर दिए जाएंगे। वहीं सेवानिवृत्ति के दो साल से कम की अवधि होने पर 15 नंबर, पिछले तीन साल की वार्षिक प्रविष्टियों में प्राप्त नंबर का औसत 10 नंबर दिए जाएंगे।
मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्रा की ओर से जारी आदेश के अनुसार लघु दंड होने की स्थिति में नकारात्मक पांच नंबर, पिछले तीन साल में वृहद दंड होने की स्थिति में नकारात्मक दस नंबर मिलेंगे। विभाग की विशेष कार्य प्रकृति के अनुसार 25 वैकल्पिक नंबर दिए जाएंगे। इन नंबरों के आधार पर वरीयता तय की जाएगी। उन्होंने कहा है कि हर विभाग प्रति वर्ष अप्रैल तक इस व्यवस्था के अनुसार मेरिट तैयार करते हुए मेरिट आधारित स्थानांतरण के लिए वरीयता करके कार्यवाही करेंगे।