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UP News : खुद को अगवा करने की साजिश रचकर मांगे 40 लाख, दुबई निवासी रिश्तेदार ने भेजे थे 40 लाख रुपये

Thu, 04 Aug 2022 07:44 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव माई सिटी रिपोर्टर, अमर उजाला, लखनऊ

सार

दोस्तों ने परिजनों को कॉल कर बताया कि शम्सी का अपहरण हो गया है। उसे मुक्त कराने के लिए 40 लाख रुपये देने होंगे। दोनों दोस्तों ने उसके परिवारीजनों से पुष्टि केलिए शम्सी से बात भी कराई।
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सांकेतिक तस्वीर
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विस्तार
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कर्ज में डूबे हवाला कारोबारी ने खुद को अगवा करने की साजिश रची। दो दोस्तों के सहयोग से वारदात को अंजाम दिया। परिवारीजनों को कॉल कर 40 लाख रुपये की फिरौती मांगी गई। दो बार में परिजनों ने चार-चार लाख रुपये भी दिए। परिजनों ने पुलिस को जानकारी दी जिसके बाद पड़ताल शुरू हुई। क्राइम ब्रांच ने भी जांच शुरू की। बुधवार को खुलासा हो गया। पुलिस के मुताबिक, अपहरण की साजिश खुद हवाला कारोबारी ने रची थी। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है। वहीं वारदात में प्रयुक्त कार भी बरामद कर ली है। दो अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।

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एडीसीपी पश्चिम चिरंजीव नाथ सिन्हा के मुताबिक, सआदतगंज के घंटाबेग गढ़हिया में मो. शम्सी परिवार सहित रहता है। वह कुछ दिनों तक दुबई में अपने साढू कौसर के साथ रहता था। वहां पर गाड़ी चलाने का काम करता था। वापस लखनऊ आने के बाद उसने लोगों से रुपये का लेनदेन शुरू किया। लोगों को रुपये पहुंचाता था, इसके बदले में तय कमीशन उसे मिल जाता था। इस दौरान उसने कई लोगों से रुपये ले लिए लेकिन जब लोगों ने रुपये वापस मांगने शुरू किए तो वह तनाव में रहने लगा। इसी बीच उसके साढू कौसर ने दुबई से उसको 40 लाख रुपये भेजे। रुपये खाते में आते ही उसकी नीयत बदल गई। उसने रुपये हड़पने की साजिश रचकर अपना कर्ज उतारने की योजना बनाई। इसके लिए अपने दो करीबी दोस्त ठाकुरगंज के मुफ्तीगंज निवासी मोहम्मद और गाजीपुर जिले का सादिक जो इंदिरानगर इलाके में रहता है, के साथ मिलकर अपने अपहरण की साजिश रच डाली।

इसके लिए एक परिचित की कार मांगी। मंगलवार दोपहर को घर से बाहर निकलने के कुछ देर बाद उसे अगवा कर लिया गया। दोस्तों ने परिजनों को कॉल कर बताया कि शम्सी का अपहरण हो गया है। उसे मुक्त कराने के लिए 40 लाख रुपये देने होंगे। दोनों दोस्तों ने उसके परिवारीजनों से पुष्टि केलिए शम्सी से बात भी कराई। सहमे परिजनों ने दो बार में आठ लाख रुपये भी बताए गए स्थान पर पहुंचा दिए। इसके बाद भी उसे मुक्त नहीं किया गया। इस पर परिजनों ने सआदतगंज थाने में तहरीर दी जिस पर पुलिस ने पड़ताल शुरू कर दी।
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सीसीटीवी कैमरे ने खोला राज
दिनदहाड़े अपहरण की सूचना पर पुलिस कमिश्नर ने इस मामले में क्राइम ब्रांच को भी लगाया। डीसीपी पूर्वी व क्राइम ब्रांच प्राची सिंह के मुताबिक, पड़ताल के दौरान मो. शम्सी के घर के आसपास के सभी सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले गए। एक फुटेज में कार दिखी। उसका नंबर निकाला गया। फिर एक अन्य फुटेज में मो. शम्सी उसमें बैठते हुए दिखा। पुलिस ने कार के रजिस्ट्रेशन नंबर के आधार पर मालिक से संपर्क किया तो पता चला कि कार मालिक शम्सी का करीबी परिचित है। इसके बाद परिवारीजनों से भी पूछताछ की गई। इसके बाद बुधवार देर रात शम्सी अचानक खुद सआदतगंज थाने पहुंचा जहां उसने खुद के अपहरण की साजिश रचने की बात कुबूल कर ली। एडीसीपी पश्चिम चिरंजीव नाथ सिन्हा के मुताबिक, मामले की जांच की जा रही है। वहीं शम्सी के दोनों दोस्तों की तलाश की जा रही है जिन्होंने रुपये परिजनों से मंगाए गये थे। शम्सी के मुताबिक, पैसे उन्हीं दोनों के पास हैं।

कर्ज में डूब गया, बचने के लिए रची साजिश
बुधवार देर रात जब मो. शम्सी वापस आया तो उससे पुलिस अधिकारियों ने पूछताछ की जिसमें शम्सी ने कुबूल किया कि उस पर लाखों रुपये का कर्ज हो गया था। कर्ज को चुकाने केलिए ही उसने इस अपहरण की साजिश रची थी। वह साढू द्वारा भेजे गए रुपये को फिरौती के रूप में मंगाकर हड़पना चाहता था ताकि कर्जदारों से उसका पीछा छूट जाए।

हवाला के कारोबार की भी जांच शुरू
एडीसीपी पश्चिम चिरंजीव नाथ सिन्हा के मुताबिक, इतनी बड़ी रकम शम्सी के खाते में किस कारण से भेजी गई है। इसके बारे में जानकारी हासिल की जा रही है। पुलिस का कहना है कि शम्सी हवाला का काम करता है या नहीं, इसकी जांच की जा रही है। अचानक से दुबई छोड़कर लखनऊ आना और फिर कई बार में उसके खाते में बड़ी रकम का लेनदेन सवाल खड़ा कर रहा है। पुलिस हर एक बिंदु पर जांच कर रही है ताकि हवाला से जुड़े कारोबार की तह तक जाया जा सके।

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