कोरोना महामारी के चलते साल 2020 और 2021 की हज यात्रा निरस्त कर दी गई थी। साल 2022 में कोरोना की पाबंदियों के साथ सऊदी अरब सरकार ने भारत के लिए मात्र 79,237 हज सीटें आवंटित की थीं। इनमें से 56,601 सीटें हज कमेटियों के हिस्से में आईं थी।
देश भर से इस बार 1.75 लाख आजमीन हज यात्रा पर जा सकेंगे। करीब तीन साल बाद इस बार प्रदेश से भी लगभग 30 हजार लोगों के हज यात्रा पर जाने की उम्मीद जताई जा रही है। बीते साल मात्र 7528 लोग ही हज पर भेजे जा सके थे।
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कोरोना काल में तमाम तरह की पाबंदियां हटने के बाद सऊदी अरब सरकार ने इस बार हज सीटों का सामान्य कोटा जारी कर दिया है। वर्ष 2019 की तरह इस बार भी सऊदी सरकार ने भारत के लिये 1,75,025 हज सीटों का कोटा जारी किया है। सीटों के कोटे को निजी ऑपरेटरों और देश भर की हज कमेटियों को बांटा जाएगा। बीते सालों की तरह इस बार भी उत्तर प्रदेश को अन्य हज कमेटियों से अधिक सीटें मिलने की उम्मीद है। सीटों के बंटवारे के हिसाब से प्रदेश से इस साल करीब 30 हजार लोग हज पर जा सकते हैं।
राज्य हज कमेटी के चेयरमैन मोहसिन रजा ने बताया कि भारत के लिये वर्ष 2023 के हज कोटे की सीटों का आवंटन होने के बाद उत्तर प्रदेश से सबसे ज्यादा हज यात्री सऊदी अरब भेजे जाएंगे।
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मालूम रहे कि कोरोना काल से पहले वर्ष 2019 में भारत को आवंटित हज कोटे की 1,75,025 सीटों में से 1,25,025 सीटें देश भर की हज कमेटियों को आवंटित की गई थी, जबकि 50 हजार सीटें निजी टूर ऑपरेटरों को दी गई थीं। तब उत्तर प्रदेश की हज सीटों का कोटा करीब 32 हजार सीटों का था।
कोरोना महामारी के चलते साल 2020 और 2021 की हज यात्रा निरस्त कर दी गई थी। साल 2022 में कोरोना की पाबंदियों के साथ सऊदी अरब सरकार ने भारत के लिये मात्र 79,237 हज सीटें आवंटित कीं। इनमें से 56,601 सीटें हज कमेटियों के हिस्से में आईं थी।