प्रदेश में अगले सत्र से 14 मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस की पढाई शुरू करने की तैयारी है। इन कॉलेजों के शुरू होने से से करीब 1400 सीटें बढ़ जाएंगी। इसके लिए चिकित्सा शिक्षा विभाग ने प्रयास शुरू कर दिया है। प्रधानाचार्यों की तैनाती के बाद अब मान्यता लेने की तैयारी शुरू हो गई है। कार्यदायी संस्थाओं को निर्देश दिया गया है कि जल्द ही से जल्द निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाए। ताकि नेशनल मेडिकल काउंसिल की टीम के सामने सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त मिलें।
प्रदेश में हर जिले में एक मेडिकल कॉलेज खोलने की दिशा में कार्य हो रहा है। इसके तहत 16 जिलों में पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल के तहत मेडिकल कॉलेज खोले जाएंगे। 45 जिले में मेडिकल कॉलेजों का संचालन हो रहा है, जबकि 14 जिले में स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालयों का निर्माण कार्य चल रहा है। इसमें चंदौली और कौशांबी को छोड़कर अन्य 12 जिलों में प्रधानाचार्य की तैनाती की जा चुकी है।
इन कॉलेजों में शिक्षकों व कर्मियों के 19376 पदों का सृजन किया जा चुका है। इसमें 9954 पदों को सीधी भर्ती, 56 पद प्रतिनियुक्ति और 9366 पद आउटसोर्सिंग के हैं। हर महाविद्यालय में शिक्षकों के न्यूनतम 53 पद भरना अनिवार्य किया गया है। इन पदों पर भर्ती की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। सभी पदों के लिए आवेदन मांगे गए हैं। इन कॉलेजों में चार-चार पद प्रतिनियुक्ति के हैं। यह पद जूनियर इंजीनियर और वेटनरी आफिसर के हैं।
चिकित्सा शिक्षा विभाग की कोशिश है कि प्रदेश के सभी 14 चिकित्सा महाविद्यालयों में एक साथ मान्यता ली जाए। इसके लिए तैयारियां शुरू हो गई हैं। सभी कार्यदायी संस्थानों को मई तक कार्य पूरा करने का निर्देश दिया गया है। चिकित्सा शिक्षा विभाग की ओर से नवनियक्ति प्रधानाचार्यों को निर्देश दिया गया है कि वे तैयारी पूरी कर नेशनल मेडिकल काउंसिल (एनएमसी) में मान्यता के लिए आवेदन की प्रक्रिया शुरू करें।
इन जिलों में बन रहे हैं महाविद्यालय
अमेठी, औरैया, कानपुर देहात, कुशीनगर, कौशांबी, गोंडा, चंदौली, पीलीभीत, बुलंदशहर, बिजनौर, लखीमपुर खीरी, ललितपुर, सुलतानपुर व सोनभद्र शामिल हैं। इन सभी कॉलेजों का संचालन एमबीबीएस की 100-100 सीटों से करने की तैयारी है।
प्रदेश में सरकारी कॉलेजों में हो जाएंगी 5228 सीटें
प्रदेश में सरकारी मेडिकल कॉलेजों में अभी एमबीबीएस की 3828 सीटें हैं। 1400 सीटें बढ़ने के बाद यह संख्या 5228 हो जाएंगी। इसी तरह निजी क्षेत्र की 4700 सीटें हैं।