मुख्यमंत्री आवास योजना ग्रामीण की पात्रता में 10 अन्य जातियों को भी शामिल किया गया है। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने बताया कि प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में निवासरत भोंटिया, जौनसारी, राजी, गोंड तथा इसकी पर्याय धुरिया, ओझा, नायक, पठारी, राजगोंड, खरवार, खैरवार, पराहिया, पंखा, पनिका, अगरिया, पटारी तथा भुइंया, भुनिया जातियों (अनुसूचित जनजातियों) को भी उनकी सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति के दृष्टिगत पात्रता की प्राथमिकता श्रेणी में शामिल किया गया है।
उन्होंने बताया कि उनके द्वारा विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों के भ्रमण के दौरान यह मामला प्रकाश में आया कि मुख्यमंत्री आवास योजना ग्रामीण की पात्रता सूची में ये जातियां शामिल नहीं हैं। इन जातियों के पात्र लोगों द्वारा भ्रमण के दौरान आवास के आवंटन की मांग भी की गई थी, जिसका संज्ञान लेने के बाद इस बाबत विचार विमर्श करके इन जातियों को भी सभी औपचारिकताएं पूर्ण कराते हुए मुख्यमंत्री आवास योजना ग्रामीण की प्राथमिकता श्रेणी में शामिल कराने का निर्णय लिया गया है।
ये भी पढ़ें - धर्मांतरण रैकेट की आशंका में पकड़ा गया फर्जी डॉक्टर, छात्राओं को लेकर दिल्ली जाने वाला था
ये भी पढ़ें - जन आक्रोश पदयात्रा: महिला अधिकारों के लिए सड़क पर उतरे सीएम योगी, बोले- विपक्ष का महिला विरोधी चेहरा उजागर
इन जिलों में मौजूद हैं ये जातियां
महराजगंज, सिद्धार्थनगर, बस्ती, गोरखपुर, देवरिया, मऊ, आजमगढ़, जौनपुर, बलिया, गाजीपुर, वाराणसी, मिर्जापुर, सोनभद्र, चंदौली, कुशीनगर, भदोही, संतकबीरनगर आदि।