मुख्यमंत्री ने एक प्रश्न के उत्तर में कहा कि जीएसटी दरें कम होने से लोगों का पैसा बचेगा तो वे और अधिक खरीददारी करेंगे। दूध, दही, पनीर, शैम्पू, टूथपेस्ट, साबुन, साइकिल और बच्चों से जुड़े सामान पर शून्य से पांच प्रतिशत ही टैक्स लगेगा। इससे न सिर्फ रोजमर्रा के खर्च कम होंगे बल्कि उपभोक्ता की क्रय क्षमता भी बढ़ेगी। इससे देश की जीडीपी में दो लाख करोड़ रुपये का इजाफा होने की उम्मीद है। उन्होंने ने कहा कि आगरा व कानपुर में चमड़ा उद्योग का बड़ा काम है, जीएसटी काउंसिल ने 2500 रुपये तक के जूतों पर पांच प्रतिशत की दर से कर लगाया है। इसका लाभ भी इस उद्योग को मिलेगा। 2500 रुपये तक के रेडीमेड कपड़ों पर पांच प्रतिशत टैक्स का लाभ भी प्रदेश को मिलेगा।
जीएसटी में अब तक का सबसे बड़ा रिफॉर्म
सीएम ने कहा कि जुलाई 2017 में जीएसटी लागू होने से पहले देश में अलग-अलग कर लागू थ। जिनमें वैट, सेल टैक्स, सेवा कर, उत्पाद शुल्क, एंट्री टैक्स और मनोरंजन कर जैसे जटिल कर उपभोक्ताओं और कारोबारियों पर भारी पड़ते थे। जीएसटी ने इन्हें समाहित कर देश को वन नेशन, वन टैक्स की व्यवस्था दी है। जीएसटी में सुधार से आम उपभोक्ता को सीधी राहत मिलेगी।
यूपी में बड़े पैमाने पर सृजित होंगे रोजगार
योगी ने कहा कि जीएसटी दरों में सुधार से परंपरागत उद्योगों और एक जिला एक उत्पाद (ओ़डीओपी) योजना के तहत हस्तशिल्पियों और कारीगरों को प्रोत्साहन मिलेगा। अब उनके उत्पादों पर केवल 5 प्रतिशत जीएसटी लगेगा, जिससे बनारसी साड़ी, लखनऊ की चिकनकारी, बरेली का जरदोजी, जालौन का कागज उद्योग और फिरोजाबाद का ग्लास उद्योग जैसे क्षेत्र फलेंगे-फूलेंगे। इससे न केवल उत्पादन और मांग बढ़ेगी, बल्कि बड़े पैमाने पर रोजगार भी सृजित होंगे।