जेवर एयरपोर्ट के नजदीक एक्सपोर्ट हब स्थापित किया जा रहा है। इसका सबसे बड़ा फायदा किसानों और खाद्य प्रसंस्करण से जुड़ी इकाइयों को मिलेगा। विश्व बैंक की मदद से संचालित होने वाली यूपी एग्रीज योजना के तहत एसईजेड (स्पेशल इकोनामिक जोन) बनेगा। एक्सपोर्ट हब के जरिए मूंगफली, सब्जी, काला नमक चावल, तिल सहित कई उत्पादों के निर्यात में तेजी आएगी।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के कारण यमुना प्राधिकरण क्षेत्र बनेगा देश का सबसे बड़ा एयर कार्गो हब भी बनेगा। यूपी के उत्पाद तेजी से और प्रभावी तरीके से पूरी दुनिया तक पहुंचेंगे। बड़े पैमाने पर कोल्ड स्टोरेज और अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के डिपो बनाए जा रहे हैं। एयरपोर्ट के पहले चरण में 37 एकड़ में कार्गो टर्मिनल का निर्माण किया जा रहा है, जिसे भविष्य में 80 एकड़ तक विस्तारित किया जाएगा। यह अब तक का सबसे बड़ा कार्गो टर्मिनल होगा, जिसकी शुरुआती क्षमता प्रति वर्ष 2 लाख टन माल परिवहन की होगी। लिंक एक्सप्रेस वे इसकी क्षमता को और बढ़ाएगा।