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अखिलेश ने राहत के लिए मांगे 774 करोड़ रुपये

Thu, 30 Oct 2014 12:22 AM IST
अनिल श्रीवास्तव/अमर उजाला, लखनऊ
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राज्य सरकार ने अगस्त में बाढ़ से हुई तबाही के मद्देनजर केंद्र से 774.47 करोड़ रुपये की अतिरिक्त मदद मांगी है। बाढ़ प्रभावित जिलों में हुए नुकसान का आकलन करने के लिए गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव एमए गणपति के नेतृत्व में सात सदस्यीय दल बुधवार को राजधानी पहुंचा। इस दौरान केंद्रीय दल के समक्ष यह मांग रखी गई।
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कृषि उत्पादन आयुक्त (एपीसी) वीएन गर्ग व अन्य अधिकारियों के साथ बैठक के बाद केंद्रीय दल जिलों के दौरे पर रवाना हो गया।

यह टीम बृहस्पतिवार को लखनऊ लौटेगी और एपीसी व अन्य अधिकारियों के साथ दोबारा बैठक करने बाद दिल्ली चली जाएगी। इस टीम की रिपोर्ट के आधार पर सूबे में बाढ़ राहत कार्यों के लिए धनराशि स्वीकृत की जाएगी।

बैठक में केंद्र को भेजे गए बाढ़ मेमोरेंडम-2014 को लेकर राजस्व सचिव व राहत आयुक्त लीना जौहरी ने केंद्रीय टीम के समक्ष प्रस्तुतीकरण किया।
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राज्य ने गिनाया नुकसान

गर्ग ने कहा कि बाढ़ में क्षतिग्रस्त मकानों के लिए 34.71 करोड़ रुपये और क्षतिग्रस्त सार्वजनिक संपत्तियों के फिर से निर्माण के लिए 650.50 करोड़ रुपये की मांग की गई है।

इसमें सड़कों के लिए 285.28 करोड़, सिंचाई व्यवस्था के लिए 333.92 करोड़, बिजली व्यवस्था सुधारने के लिए 4.16 करोड़, जल निगम की क्षतिपूर्ति के लिए 1.04 करोड़, प्राथमिकता शिक्षा के लिए 3.39 करोड़, ग्राम्य विकास एवं पंचायती राज के लिए 3.90 करोड़ और अन्य क्षेत्रों में पुनर्निर्माण के लिए 18.80 करोड़ रुपये की जरूरत है।

राहत आयुक्त ने केंद्रीय दल से मांग की कि तूफान की तरह यूपी को भी नेपाल से पानी छोडे़ जाने की सूचना समय पर देने की प्रणाली विकसित की जाए ताकि पूर्वी यूपी में बाढ़ से निपटने की तैयारी के लिए पर्याप्त समय मिल सके। ऐसे में नुकसान कम से कम होगा।

बैठक में प्रमुख सचिव राजस्व सुरेश चंद्रा के अलावा पीडब्ल्यूडी, सिंचाई, ऊर्जा, जल निगम, बेसिक शिक्षा, ग्राम्य विकास एवं पंचायती राज समेत अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद थे।
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