डॉ. नवनीत सहगल ने बताया कि पिछले वित्तीय वर्ष में कोरोना का प्रकोप रहा। फिर भी रोजगार के अधिक अवसर सृजित करने और स्थापित इकाइयों की वित्तीय समस्याओं को दूर करने का प्रयास किया गया।
पिछले एक साल से कोरोना महामारी के बाद भी एक जिला-एक उत्पाद (ओडीओपी) वित्त पोषण योजना के तहत सामान्य वर्ष की तुलना में दो गुना अधिक ऋण वितरित किए गए। इस दौरान हस्तशिल्पियों और उद्यमियों को करीब 380 करोड़ का ऋण उपलब्ध कराने के साथ ही 94.60 करोड़ रुपये की मार्जिन मनी भी उपलब्ध कराई गई।
विज्ञापन
अपर मुख्य सचिव एमएसएमई डॉ. नवनीत सहगल ने बताया कि पिछले वित्तीय वर्ष में कोरोना का प्रकोप रहा। फिर भी रोजगार के अधिक अवसर सृजित करने और स्थापित इकाइयों की वित्तीय समस्याओं को दूर करने का प्रयास किया गया। इसके तहत ही वित्त पोषण योजना को ऑनलाइन करते हुए ऋ ण के लिए आवेदन मांगे गए थे। वित्तीय वर्ष 2019-20 में करीब 200 करोड़ धनराशि की परियोजनाओं का वित्त पोषण किया गया था। इसके सापेक्ष प्रदेश सरकार द्वारा 50.20 करोड़ रुपये की मार्जिन मनी विभिन्न उद्यमियों को उपलब्ध कराई गयी।
अपर मुख्य सचिव ने बताया, ओडीओपी प्रशिक्षण एवं टूलकिट योजना के अंतर्गत पिछले वित्तीय वर्ष में 16 हजार के लक्ष्य के सापेक्ष शत-प्रतिशत हस्तशिल्पियों एवं कारीगरों को 10 दिवसीय निशुल्क प्रशिक्षण और निशुल्क टूल किट्स उपलब्ध कराई गई। लॉकडाउन के दौरान भी योजनाबद्ध तरीके से कार्य कराते हुए शत प्रतिशत प्रगति सुनिश्चित की गई।