राजधानी में दो दिनों से मानसून की सक्रियता में कमी आने से बारिश थम सी गई है। मौसम विभाग के अनुसार अच्छी बारिश के लिए तीन दिन इंतजार करना पड़ेगा। रविवार दोपहर शहर के कुछ इलाकों में मिनट भर के लिए बारिश हुई, लेकिन इस बारिश ने गर्मी-उमस की आग में घी का काम किया। हवा में मौजूद नमी हीट इंडेक्स से आभासी गर्मी बढ़ा रही है। इससे लोगों को वास्तविक तापमान से ज्यादा गर्मी महसूस हुई।
रविवार को लखनऊ में हजरतगंज, पुराने लखनऊ, आलमबाग में छिटपुट बूंदाबांदी हुई। शाम तक 4.8 मिमी बारिश दर्ज की गई। दिन का अधिकतम तापमान 0.9 डिग्री की बढ़त के साथ 36.1 डिग्री पहुंच गया जो सामान्य से 3.2 डिग्री अधिक था। वहीं, न्यूनतम तापमान 0.8 डिग्री की बढ़त के साथ 28.5 डिग्री सेल्सियस रिकाॅर्ड हुआ।
आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के मुताबिक 21 अगस्त के पहले लखनऊ में अच्छी बारिश की संभावना कम है। 21 अगस्त के आसपास मौसम का नया सिस्टम के सक्रिय होने तक लखनऊ के लोगों को छिटपुट बूंदाबांदी ही नसीब होगी। ऐसे में गर्मी और उमस से जूझना पड़ेगा।
जब वास्तविक तापमान के साथ हवा में नमी की मात्रा ज्यादा होती है तो हमें वास्तविकता से ज्यादा गर्मी महसूस होती है। कई बार असल तापमान कम होने के बावजूद वातावरण की नमी से हीट इंडेक्स काफी ज्यादा बढ़ जाता है। इससे शरीर की कूलिंग के लिए आवश्यक पसीना नहीं निकल पाता है। ऐसे में शरीर खुद को ठंडा नहीं रख पाता और अधिक गर्मी महसूस होती है। उदाहरण के लिए यदि तापमान 35 डिग्री सेल्सियस हो और हवा में मौजूद नमी शून्य फीसदी हो तब इंसान को तापमान 35 डिग्री सेल्सियस जितना ही महसूस होता है। यदि वातावरण में मौजूद नमी 80 से 100 फीसदी हो तो लेकिन 35 डिग्री तापमान में हीट इंडेक्स (ताप सूचकांक) बढ़ने से आभासी गर्मी 40 डिग्री जितनी महसूस होती है।