प्रतापगढ़, जौनपुर, गाजीपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, देवरिया, गोरखपुर, संत कबीर नगर, बस्ती, कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थ नगर, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, लखनऊ, बाराबंकी, रायबरेली, अमेठी, सुल्तानपुर, अयोध्या, अंबेडकर नगर व आस पास के क्षेत्र।
राजधानी में शनिवार को तड़के सुबह कहीं-कहीं फुहारें पड़ीं, लेकिन दिन चढ़ने के साथ धूप खिली और उमस शुरू हो गई। तपिश और उमस ने मिलकर लोगों को बेहाल कर दिया। दोपहर बाद फिर से बादलों की आवाजाही बढ़ी और अमाैसी, गोमतीनगर, पुराने लखनऊ और कुछ बाहरी इलाकों में कुछ बूंदें गिरीं, लेकिन राहत मिलने के बजाय उमस में इजाफा ही हुआ। माैसम विभाग का कहना है कि लखनऊ में अगले तीन दिन उमस भरी गर्मी पसीने छुड़ाने वाली है।
क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि आठ जुलाई से मानसून के दोबारा सक्रिय होने की संभावना है। इसके असर से अच्छी मानसूनी बारिश होने के संकेत हैं।शनिवार को अधिकतम तापमान 0.4 डिग्री सेल्सियस बढ़कर 38 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान 3.4 डिग्री सेल्सियस की उछाल के साथ 30.4 डिग्री सेल्सियस रहा।