विधान परिषद चुनाव में समाजवादी पार्टी न सिर्फ अपना गढ़ बचाने में कामयाब रही बल्कि एक अतिरिक्त वोट भी झटकने में सफल रही। हार तय होने के बाद भी एक अतिरिक्त वोट मिलने को पार्टी अपनी पुख्ता रणनीति का हिस्सा मानती है। यह वोट किस दल का मिला है, इसे लेकर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।
समाजवादी पार्टी के 109 और उसकी सहयोगी राष्ट्रीय लोकदल के नौ विधायक हैं। इस तरह पार्टी की कुल संख्या 118 है। जबकि विधानसभा चुनाव में सपा गठबंधन में शामिल रहे सुभासपा के छह विधायक हैं, लेकिन अब उसका संबंध सपा से टूट चुका है। ऐसे में सपा विधायकों की स्थिति देखें तो विधायक रमाकांत यादव और इरफान सोलंकी जेल में हैं। विधायक मनोज पारस प्रदेश से बाहर हैं।
इस तरह सपा व रालोद की संख्या 115 हुई, जबकि पार्टी उम्मीदवारों को 116 वोट मिले हैं। इस तरह सपा न सिर्फ अपने विधायकों को लामबंद रखने में कामयाब रही बल्कि एक अतिरिक्त वोट झटक कर चौका दिया है। विधान परिषद चुनाव की मतगणना के बाद अब एक अतिरिक्त वोट को लेकर तरह- तरह के कयास लगाए जा रहे हैं।
कांग्रेस और बसपा ने मतदान में हिस्सा नहीं लिया था। ऐसे में एक अतिरिक्त वोट सुभासपा से मिला है अथवा अन्य किसी दल का, इसे लेकर चर्चा का दौर शुरू हो गया है। सपा के मुख्य सचेतक डा. मनोज पांडेय का कहना है कि जिसने भी वोट दिया है, उसके आभारी है। पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव की नीतियों से प्रभावित होकर पार्टी उम्मीदवारों को वोट देने वाले विधायक के मान सम्मान की रक्षा के लिए हमेशा तत्पर रहेंगे।