जेल से रिहा होने के बाद इरफान सोलंकी।
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कानपुर की सीसामऊ सीट से पूर्व विधायक इरफान सोलंकी को जमानत मिलने के बाद भी उनकी मुश्किलें कम नहीं हुई हैं। इरफान के खिलाफ जांच कर रहा प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) अगले सप्ताह उनके खिलाफ अदालत में आरोप पत्र दाखिल करने की तैयारी में है, जिसके बाद इरफान पर कानूनी शिकंजा और मजबूत होगा। वहीं दूसरी ओर इरफान और उनके करीबी परिजनों की संपत्तियों की ईडी जांच में फिलहाल अड़चन पैदा हो गई है। ईडी उनकी संपत्तियों पर कार्रवाई के लिए दूसरे तरीके आजमाने की तैयारी में है।
सूत्रों की मानें तो इरफान सोलंकी के खिलाफ पुलिस द्वारा दर्ज मुकदमों के आधार पर ईडी ने भी प्रिवेंशन ऑफ मनी लांड्रिंग एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी और इरफान व उनके करीबियों के ठिकानों पर छापे मारकर अहम सुबूत जुटाए थे। ईडी ने इरफान की कानपुर और मुंबई की कई संपत्तियों का भी पता लगाया था।
हालांकि संपत्तियों की जांच में पुलिस द्वारा दर्ज मुकदमों में हुई चूक की वजह से कार्रवाई नहीं हो सकी। दरअसल, पुलिस ने इरफान के खिलाफ दर्ज मुकदमों में ऐसी कोई धारा नहीं लगाई, जिसके तहत मनी लांड्रिंग एक्ट की कार्रवाई की जा सके। अब ईडी इरफान के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले की जांच कर संपत्तियों को जब्त करने की तैयारी में है। खासकर कानपुर के जिस बिल्डर के साथ उन्होंने बेशकीमती जमीनें खरीदी थीं, उसे बेनामी एक्ट के तहत जब्त किया जाएगा। इसके लिए ईडी के अधिकारी इरफान द्वारा चुनावों में घोषित संपत्तियों के साथ उनके आयकर विवरण की भी गहनता से पड़ताल कर रहे हैं।