उन्होंने कहा कि प्राथमिक विद्यालयों की एक किलोमीटर की परिधि में किसी भी प्राइवेट स्कूल को मान्यता न देने का प्रावधान है। फिर भी विभागीय अधिकारी नियमों का उल्लंघन करते हुए परिषदीय विद्यालयों के एक किलोमीटर की परिधि में ही प्राइवेट स्कूलों को मान्यता दिए हुए हैं। सरकार पहले अभियान चलाकर गैर मान्यता प्राप्त विद्यालयों को बंद करे। उसके बाद परिषदीय स्कूलों के एक किलोमीटर की परिधि में दिए गए सभी नियम विरुद्ध मान्यता को वापस ले।
विशिष्ट बीटीसी शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन के प्रान्तीय अध्यक्ष संतोष तिवारी ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर विद्यालयों के विलय के आदेश को वापस लेने की मांग की है। संयुक्त मोर्चा के प्रांतीय सचिव दिलीप चौहान ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता में शिक्षा और स्वास्थ्य होना चाहिए। यदि ऐसे विद्यालय बंद कर दिए जाएंगे तो गरीब और पिछड़े क्षेत्रों के बच्चों को जरूरी शिक्षा से वंचित होना पड़ेगा। वहीं उत्तर प्रदेशीय जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष योगेश त्यागी ने भी इस निर्णय का विरोध करने की बात कही है। यह निर्णय छात्र व शिक्षक किसी के हित में नहीं है।