आयोग ने अधिकारियों से सभी 12 पीड़ितों की मौजूदा स्थिति, उनकी सुरक्षा, रहने, खाने और इलाज की व्यवस्था की जानकारी मांगी है। नियोक्ता और अन्य जिम्मेदार लोगों के खिलाफ दर्ज एफआईआर और जांच की प्रगति की जानकारी भी मांगी गई है। आयोग ने जिलाधिकारी को निर्देश दिया है कि सभी पीड़ितों को बंधुआ मजदूरी से मुक्त करने और उनके पुनर्वास की कार्रवाई समयबद्ध तरीके से की जाए।
पात्र पीड़ितों को बंधुआ मजदूर मुक्ति प्रमाणपत्र देने और केंद्र की बंधुआ मजदूर पुनर्वास योजना-2021 के तहत प्रत्येक को 30 हजार रुपये तक की तत्काल आर्थिक सहायता देने की जानकारी भी रिपोर्ट में शामिल करने को कहा गया है। पीड़ितों के दीर्घकालीन पुनर्वास की योजना भी मांगी गई है। यदि पीड़ित उत्तर प्रदेश वापस जाना चाहते हैं तो संबंधित अधिकारियों के साथ समन्वय कर उन्हें वापस भेजने की व्यवस्था करने को कहा गया है।