अशोक सिद्धार्थ से रिश्ते के बाद विवाद का जिक्र
मायावती ने आकाश आनंद के ससुर अशोक सिद्धार्थ का जिक्र करते हुए कहा कि उनके साथ रिश्ता होने के बाद ऐसी परिस्थितियां बनीं, जिनमें आकाश आनंद के राजनीतिक आचरण में सुधार के उद्देश्य से संगठनात्मक स्तर पर कई फैसले लेने पड़े। उन्होंने कहा कि गलती का एहसास होने के बाद आकाश को दोबारा जिम्मेदारी भी दी गई।
उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, आकाश आनंद को मई 2024 और मार्च 2025 में पार्टी से निकालने के बाद वापस लिया गया था। सितंबर 2026 में उन्हें फिर पार्टी से अलग किया गया और अब पांच अक्टूबर को मायावती ने उन्हें दोबारा पार्टी में शामिल करते हुए राष्ट्रीय संयोजक बनाया है।
अशोक सिद्धार्थ के संन्यास के बाद बदलाव की उम्मीद
मायावती ने कहा कि अशोक सिद्धार्थ के राजनीति से संन्यास लेने के बाद अब ऐसी स्थिति पैदा नहीं होनी चाहिए, जिसमें आकाश आनंद को दोबारा संगठन से अलग करने की जरूरत पड़े। उन्होंने उम्मीद जताई कि आकाश आगे पार्टी के लिए काम करेंगे और राजनीतिक रूप से आगे बढ़ेंगे।