Kanshi Ram: बसपा प्रमुख मायावती ने कांशीराम के मुद्दे पर कांग्रेस को कटघरे में खड़ा किया है। उन्होंने कहा कि अब कांग्रेस की भारत रत्न देने की मांग अजीब है।
बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने कहा कि सपा और कांग्रेस आदि दलित विरोधी पार्टियां यूपी में विधानसभा चुनाव के नजदीक आते ही वोटों के स्वार्थ में बसपा संस्थापक कांशीराम की जयंती मना रही हैं। यह इन दलों की सोची-समझी रणनीति है। कांग्रेस ने केंद्र सरकार में रहने के दौरान कांशीराम को भारत रत्न नहीं दिया। अब दूसरी पार्टी की सरकार से इसकी मांग कर रही है।
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यह हास्यास्पद है। उन्होंने मंगलवार को जारी बयान में आरोप लगाया कि ये पार्टियां शुरू से ही बसपा को खत्म करने में लगी हैं जबकि बसपा की नींव कांशीराम ने खुद रखी थी। उन्होंने कहा कि इस नींव उनके जीते जी कोई हिला नहीं सकता है। कहा, इन पार्टियों के महापुरुषों में कोई जान नहीं रही है, जो अब ये हमारे महापुरुषों को भुनाने में लगे हैं।
इन्होंने कांशीराम के जीते जी हमेशा उपेक्षा की थी। कांशीराम के सम्मान में बसपा सरकार के कामों को भी सपा सरकार ने बदल दिया था। यह इन पार्टियों का कांशीराम के प्रति चाल व चरित्र है। इसलिए यदि सपा-कांग्रेस आदि के दलित चमचे चुप रहें तो उनके लिए बेहतर होगा। ऐसे लोगों से दूरी बनाने के लिए ही कांशीराम ने ‘चमचा युग’ के नाम से अंग्रेजी में एक किताब भी लिखी है।