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UP: चुनाव-2027 की तैयारी में जुटीं मायावती, बोलीं- ओबीसी समाज का वास्तविक हित हमारी पार्टी ही चाहती है

Tue, 16 Jun 2026 12:47 PM IST
Akash Dwivedi डिजिटल डेस्क, लखनऊ

सार

बहुजन समाज पार्टी प्रमुख ने आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों की समीक्षा करते हुए संगठन को मजबूत करने पर जोर दिया। उन्होंने कार्यकर्ताओं से पिछड़े वर्गों के बीच पहुंच बढ़ाने और पार्टी की नीतियों को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया। साथ ही सामाजिक न्याय और विकास के मुद्दों को प्रमुखता से उठाया।
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बसपा सुप्रीमो मायावती - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर संगठन की तैयारियों की समीक्षा करते हुए ओबीसी समाज के बीच पार्टी का जनाधार मजबूत करने पर विशेष जोर दिया है। लखनऊ में पिछले कई दिनों से चल रही बैठकों के दौरान उन्होंने पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को जमीनी स्तर पर सक्रियता बढ़ाने के निर्देश दिए।

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मायावती ने कहा कि वर्ष 2007 में बसपा की पूर्ण बहुमत सरकार बनाने में ओबीसी समाज की महत्वपूर्ण भूमिका रही थी। पार्टी का प्रयास है कि आगामी विधानसभा चुनाव में भी उस सामाजिक गठजोड़ को फिर से मजबूत किया जाए। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि वे लोगों के बीच यह संदेश पहुंचाएं कि ओबीसी समाज का वास्तविक हित और कल्याण बसपा तथा उसकी सरकारों में ही सुरक्षित रहा है।

अधिकार दिलाने के लिए लगातार काम किया

बैठक में मायावती ने आरोप लगाया कि अन्य राजनीतिक दलों ने समय-समय पर ओबीसी समाज का इस्तेमाल केवल चुनावी लाभ के लिए किया, लेकिन उनके सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक विकास के लिए गंभीर प्रयास नहीं किए। उन्होंने कहा कि बसपा ने अपनी स्थापना से लेकर सरकार में रहते हुए ओबीसी समाज को सम्मान और अधिकार दिलाने के लिए लगातार काम किया है।

मायावती ने मंडल आयोग की सिफारिशों को लागू कराने में बसपा की भूमिका का भी उल्लेख किया। साथ ही महात्मा ज्योतिबा फुले, राजर्षि छत्रपति शाहूजी महाराज और नारायण गुरु जैसे महापुरुषों को सम्मान देने की पार्टी की नीति को सामाजिक परिवर्तन का आधार बताया।

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उन्होंने कहा कि बसपा सरकार ने दलितों और पिछड़े वर्गों के विकास के लिए अलग मंत्रालय, आयोग और विशेष योजनाएं शुरू की थीं। वर्तमान सरकारों पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि जनकल्याण की कई योजनाएं अब केवल कागजों तक सीमित रह गई हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं से संगठन को मजबूत कर सत्ता की "मास्टर चाबी" हासिल करने के लिए जुटने का आह्वान किया।

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