बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने भारतीय राजनीति में बढ़ती कटुता, आपसी अविश्वास और आरोप-प्रत्यारोप पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक बयानबाजी का स्तर अब व्यक्तिगत टिप्पणियों, अमर्यादित भाषा, जातिवाद और हिंसक बयानों तक पहुंचना दुखद है। इससे देश की गरिमा और राजनीतिक व्यवस्था पर जनता के भरोसे को नुकसान पहुंच सकता है।
मायावती ने कहा कि शीर्ष पदों पर बैठे नेताओं को एक-दूसरे के प्रति सम्मान बनाए रखना चाहिए। आपत्तिजनक और विषैली राजनीति को किसी भी स्तर पर बढ़ावा नहीं दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि संकीर्ण और गरीब-विरोधी स्वार्थों से प्रेरित राजनीति के कारण लोगों का लोकतांत्रिक व्यवस्था पर विश्वास कमजोर होना देश और जनहित में नहीं है।