मायावती ने कहा कि पार्टी के लोग विपक्षी पार्टियों के हथकंडो व साजिशों से पूरी तरह वाकिफ हैं। हमारी पार्टी इनका डटकर सामना कर रही है। जिससे संगठन मजबूत हो रहा है। लेकिन चुनावी तैयारियों के मद्देनजर संगठन में जरूरी फेरबदल बड़े पैमाने पर किया गया है। मिशन-2027 को मिशन-2007 की तर्ज पर पूर्ण बहुमत की सरकार बनाकर पूरा किया जाएगा।
मायावती भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि एससी, एसटी व ओबीसी आरक्षण-विरोधी नीति की वजह से इन वर्गों के लोगों को सरकारी नौकरी पाने व प्रमोशन में दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। गलत नीति की वजह से यूनिफॉर्म सिविल कोड को सामाजिक समरसता की बजाय सामाजिक तनाव का नया कारण बना दिया। आगे उन्होेने कहा कि केंद्र व राज्यों की भी अधिकांश सरकारें पिछले कुछ समय से जनहित के इन मुद्दों पर ध्यान देने की बजाय जाति व धर्म की आड़ में ही अपनी राजनीति चमकाने में लगी हैं। इससे समाज में नफरत की भावना ही पैदा हो रही है, जो देश व जनहित में सही नहीं है।
एसआईआर को लेकर मायावती ने कहा कि हर स्तर के अधिकारियों को निर्देशित किया जाए किसी भी सूरत में योग्य व्यक्ति वोटर बनने का न छूटे। गरीब, मज़दूर, महिलाएं, अशिक्षित लोगों में अगर जानकारी का अभाव है तो अफसर इनसे संपर्क कर इनके नाम वोटर लिस्ट में जुड़वाएं।
मायावती ने कहा कि संसद का वर्तमान बजट सत्र भी सरकार व विपक्ष के बीच राजनीति व टकराव की वजह से हंगामे की भेंट चढ़ा। उन्होंने कहा कि इस समय संसद सत्र भी चल रहा है, जिसमें सत्ता व विपक्ष देश व जनहित के मुद्दों पर चर्चा करने की बजाय एक-दूसरे को नीचा दिखाने का जो घटिया ड्रामा व खेला आदि कर रहे हैं ये दुर्भाग्यपूर्ण है। पक्ष-विपक्ष को भारतीय संविधान की गरिमा ध्यान रखना चाहिए। संसद को चलाने के लिए जो नियम-कानून बने हैं, उन पर अमल करना चाहिए।
टैरिफ पर स्पष्ट होनी चाहिए स्थिति
मायावती ने कहा कि वर्तमान में टैरिफ व अन्य कई ऐसे देश व जनहित के मुद्दे हैं, जिन पर संसद में स्थिति स्पष्ट होनी चाहिए थी लेकिन इनकी आपसी लड़ाई के कारण ये मुद्दे दरकिनार कर दिये गए। देश की जनता सब देख रही है। ऐसे में सत्ता व विपक्ष को ऐसे कृत्यों से बचना चाहिए।
बसपा ने मंडल जोन के प्राभरियों को नियुक्त किया है। चुनाव में इन प्रभारियों को बेहद अहम जिम्मेदारियां दी हैं।मौजीलाल गौतम, विनय कश्यप को लखनऊ, उन्नाव व रायबरेली की जिम्मेदारी दी गई है। डॉ सुशील कुमार मुन्ना, राकेश गौतम को सीतापुर, हरदोई व लखीमपुर खीरी के पार्टी संबंधी कार्य सौंपे गए हैं। मुनकाद अली को मेरठ, गिरीश चंद्र को मुरादाबाद, सूरज सिंह जाटव को अलीगढ़ मंडल के जिलों को बांटकर कार्य करेंगे। यूपी बीएसपी स्टेट अध्यक्ष विश्वनाथ पाल अयोध्या लखनऊ मंडल के भी प्रमुख कार्य करेंगे।
इसके अलावा लखनऊ की सभी 9 विधानसभा सीटों के प्रभारी नियुक्त किए गए हैं। इसमें श्रवण गौतम व सत्य कुमार गौतम को मलिहाबाद, मनीष यादव व राकेश कुमार को बीकेटी, नैमीलाल गौतम व अनुरेंद्र कुमार को सरोजनीनगर, मुन्नालाल गौतम व हरीश सैलानी को लखनऊ पश्चिम, शैलेंद्र सिंह गौतम व महादेव प्रसाद जागरुक को लखनऊ उत्तरी, इंद्रजीत गौतम व राकेश कुमार गौतम को लखनऊ पूर्वी, एडवोकेट उमेश गौतम व गंगाराम गौतम को लखनऊ मध्य, देवेश गौतम व बृजेश चौधरी को लखनऊ कैंट और सुरेश राव व अनुज कुमार वर्मा को मोहनलालगंज विधानसभा सीट का प्रभारी नियुक्त किया गया है।