कुंदरकी सीट से भाजपा विजय हुई थी।
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सूत्रों का कहना है कि उपचुनाव में जीतने वाले एक या दो विधायकों को भी मौका दिया जा सकता है। खास तौर से दशकों से जिन सीटों पर भाजपा नहीं जीती थी, वहां से जीतने वाले विधायकों को मंत्रीपद देकर पुरस्कृत किया जा सकता है। वहीं, लंबे समय से मंत्री रहने के बावजूद बेहतर परिणाम न देने वाले कई मंत्रियों को बाहर भी किया जा सकता है। ऐसे कई मंत्रियों की कार्यप्रणाली का आकलन किया जा रहा है। संगठन में बेहतर काम करने वालों खासतौर से उपचुनावों की रणनीति में जुटने वाले कुछ संगठन के नेता भी मंत्री बनाए जा सकते हैं।
डॉ. संजय निषाद।
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उपचुनाव में सीट में भागीदारी से वंचित रह गए निषाद पार्टी के अध्यक्ष संजय निषाद जहां मंत्रिमंडल में एक और पद पाने की कोशिश कर रहे हैं। जबकि मीरापुर सीट जीतने वाले रालोद भी दबाव बना सकता है। ऐसे में प्रस्तावित विस्तार में बड़े पैमाने पर फेरबदल संभव है।