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यूपी: प्रदेश के छोटे दुकानदार और मकान मालिकों को बड़ी राहत, कैबिनेट के फैसले के बाद आधा होगा विकास शुल्क

Sat, 25 Apr 2026 10:51 PM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

Development fee in UP: नए नियम के अनुसार नियमावली में प्रावधान किया गया है कि विकास शुल्क शहरों और स्थानों के हिसाब से लिए जाएंगे। मकान, प्रतिष्ठान व अपार्टमेंट के आधार पर इसकी वसूली की जाएगी।
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कैबिनेट ने बीते दिनों लिया था ये फैसला। - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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प्रदेश सरकार ने छोटे मकान और दुकान बनाने वालों को बड़ी राहत दी है। कैबिनेट में हुए फैसले के आधार पर सरकार ने उत्तर प्रदेश नगर योजना और विकास (विकास शुल्क का निर्धारण, उदग्रहण एवं संग्रहण) (तृतीय संशोधन) नियमावली-2026 जारी कर दी है। नियमावली के मुताबिक शहरों में छोटे मकान और छोटी दुकान बनाने वालों को नक्शा पास कराते समय अब आधा विकास शुल्क देना होगा। इसके साथ ही अलग-अलग शहरों के लिए नए सिरे से विकास शुल्क तय किए गए हैं। गाजियाबाद का सबसे अधिक और अयोध्या का सबसे कम विकास शुल्क रखा गया है।

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प्रमुख सचिव आवास पी गुरुप्रसाद की ओर से जारी नियमावली के मुताबिक विकास प्राधिकरण और आवास विकास परिषद द्वारा नक्शा पास करते समय नई दरों के हिसाब से विकास शुल्क ली जाएगी। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि सरकार द्वारा जहां भी विकास शुल्क में पूर्ण या आंशिक छूट दी गई है, वहां इसकी वसूली नहीं की जाएगी।

नियमावली में प्रावधान किया गया है कि विकास शुल्क शहरों और स्थानों के हिसाब से लिए जाएंगे। मकान, प्रतिष्ठान व अपार्टमेंट के आधार पर इसकी वसूली की जाएगी। बड़े शहरों में अधिक और छोटे शहरों में विकास शुल्क कम देना होगा। उदाहरण के लिए गाजियाबाद में सबसे अधिक और अयोध्या में सबसे कम विकास शुल्क रखा गया है। गाजियाबाद में 4165 रुपये प्रति वर्ग मीटर दर से इसकी वसूली की जाएगी। कानपुर लखनऊ व आगरा को एक श्रेणी में रखते हुए 2462 रुपये प्रति वर्ग मीटर दर तय की गई है। वाराणसी, प्रयागराज, मेरठ, मुरादाबाद, गजरौला, बरेली, लोनी, मोदीनगर व मुरादनगर 1450 रुपये प्रति वर्ग मीटर रखा गया है।

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इन शहरों में लागू होगा ये दर

अलीगढ़, गोरखपुर, बुलंदशहर, सिकंदराबाद, न्यू सिकंदराबाद, खुर्जा, सहारनपुर, मथुरा-वृंदावन, झांसी, मुजफ्फरनगर, शामली, खतौली, हापुड़-पिलखुवा, बागपत-बड़ौत-खेकड़ा, फिरोजाबाद-शिकोहाबाद, उन्नाव-शुक्लागंज, पं. दीनदयाल उपाध्याय नगर 1020 रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर तय की गई है। अयोध्या, रायबरेली, बांदा, रामपुर, उरई, आजमगढ़, बस्ती, मिर्जापुर, बिठूर, अकबरपुर, फतेहपुर-सीकरी, कोसीकला-छाता-चौमुहा-नंदगांव में 603 रुपये वर्ग मीटर की दर तय की गई है। इसके साथ ही इसके निर्धारण की प्रक्रिया भी तय कर दी गई है, जिससे इसे तय करते समय किसी तरह की कोई बाधा न हो। निकाय क्षेत्र से बाहर 20% कम शुल्क।

बड़े व्यावसायिक भूखंडों पर देना होगा अधिक शुल्क
नगर निकाय क्षेत्र में बड़े व्यावसायिक भूखंडों पर जहां मौजूदा दर 10 प्रतिशत अधिक देना होगा, वहीं निकाय क्षेत्र के बाहर 20 फीसदी कम देना होगा। औद्योगिक उपयोग पर 60 प्रतिशत तक कम विकास शुल्क लगेगा। ग्रुप हाउसिंग परियोजनाओं पर भी कम विकास शुल्क देना होगा। इसका मकसद शहरों में फ्लैट की कीमतों में कमी लाना है। विकास शुल्क घटने के बाद अवैध निर्माण पर भी रोक लगने की संभावना जताई गई है। औद्योगिक भूमि पर शहरी सीमा में 45 और निकाय सीमा के बाहर 60 फीसदी की कमी आएगी। कृषि भूमि पर निकाय सीमा में 34 और इसके बाहर 38 फीसदी तक शुल्क कम लिया जाएगा। शुल्क अधिक होने की वजह से शहरी सीमा के बाहर बिना नक्शा पास कराए ही तेजी से आवासीय और व्यावसायिक भवनों का निर्माण हो रही है।
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