आबकारी आयुक्त डॉ. आदर्श सिंह ने बताया कि प्रदेश में निर्मित शराब व अन्य उत्पादों को विदेश में निर्यात करने के लिए आबकारी निर्यात नीति लाई गई है। यह नीति लाने वाला यूपी देश का प्रथम राज्य है। इससे एथनॉल व अन्य संबंधित उत्पादों के उत्पादन में वृद्धि होगी। नीति में औद्योगिक निवेश को प्रोत्साहित किया गया है। डिस्टिलरी, पैकेजिंग, लॉजिस्टिक्स और निर्यात सेवाओं का विस्तार करके रोजगार सृजित किए जाएंगे, जिससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था बढ़ेगी। मदिरा निर्यात की मात्रा में वृद्धि से अंतरराष्ट्रीय बाजार में यूपी की स्थिति मजबूत होगी। देश के विदेशी मुद्रा कोष को बढ़ाने में यूपी की भूमिका बढ़ेगी। निर्यात प्रोत्साहन के लिए बोतल भराई शुल्क, निर्यात पास फीस, फ्रेंचाइजी फीस और स्पेशल फीस की दरों को न्यूनतम कर दिया गया है। मदिरा के ब्रांड पंजीकरण और लेबल अनुमोदन के प्रावधानों को शिथिल किया गया है। फीस की दरों को भी न्यूनतम कर दिया गया है। देश के अंदर अन्य राज्यों को शीरा आधारित एक्स्ट्रा न्यूट्रल अल्कोहल (ईएनए) के निर्यात पर फीस 0.50 रुपये प्रति बल्क लीटर तक कम कर दी गई है। निर्यात हेतु हेरिटेज मदिरा का निर्माण, टेस्टिंग टैवर्न और फुटकर बिक्री की अनुमति के प्रावधान किए गए हैं।