कम दाम में सामान खरीदने के लिए राजी हो गए
महेंद्र कुमार की ठाकुरगंज इलाके दोना-पत्तल और डिस्पोजल सामग्री की दुकान है। उनके अनुसार कुछ दिन पहले उनकी दुकान पर एक युवक आया और उसने अपना नाम शेख बताया। उसने बताया कि वह दोना-पत्तल और डिस्पोजल सामग्री का थोक काम करता है और उसका गोदाम मदेयगंज इलाके में। युवक ने महेंद्र को सस्ते दाम में माल देने की बात कही। दुकानदार महेंद्र कम दाम में सामान खरीदने के लिए राजी हो गए।
आरोपी युवक ने उनको रुपये लेकर हसनगंज पक्के पुल के पास सोमवार को बुलाया। दुकानदार महेंद्र ढाई लाख रुपये लेकर बाइक से आरोपी की बताई गई जगह पहुंचे। उन्होंने आरोपी युवक से संपर्क किया तो आरोपी ने उनको बंधा रोड संझिया घाट बुलाया। वह जब वहां पहुंचे तो आरोपी व उसके दो अन्य साथी मौजूद थे। उन लोगों ने महेंद्र से रुपये मांगे तो वह डिग्गी खोलने लगे। इस बीच आरोपियों ने महेंद्र कुमार से ढाई लाख रुपये लूट कर भाग गए।
सर्विलांस व फुटेज की मदद से पकड़े गए लुटेरे
एडीसीपी मध्य जितेंद्र कुमार ने बताया कि घटना के बाद दुकानदार ने मदेयगंज थाने में लूट की एफआईआर दर्ज कराई। पीड़ित से आरोपी का मोबाइल नंबर पुलिस को मिला। घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों को पुलिस ने खंगाला।कुछ अहम सुराग हाथ लगे।
एसओ मदेयगंज अनुज तिवारी ने बताया कि मंगलवार को पुलिस ने तीन बदमाशों पश्चिम बंगाल नदिया निवासी मोहन शेख, पश्चिम बंगाल उत्तर चौबीस परगना निवासी सुहैल और नदिया निवासी राकिब को गिरफ्तार किया। आरोपी मोहन मौजूदा समय में नॉर्थ वेस्ट दिल्ली की जेजे कॉलोनी में रहता है, जबकि सुहैल मदेयगंज के खदरा इलाके में किराए पर रह रहा है।
एक साथी कर रहा था निगरानी, कुछ रुपये उसके पास
एसीपी महानगर अंकित कुमार ने बताया कि पूछताछ में पकड़े गए आरोपियों ने बताया कि घटना में उनका एक साथी अनवर भी शामिल था। वह कुछ दूरी पर लोगों की आवाजाही पर नजर रखे थे। लूट के कुछ रुपये उसके पास मौजूद हैं। पुलिस भागे हुए अनवर की तलाश में लगी है।