राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि संशोधित अधिसूचना जारी हो गई है। देशभर के विद्युत उपभोक्ताओं ने लड़ाई जीती है। केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण ने अपने आदेश में संशोधन कर दिया है अब पूरे देश में स्मार्ट मीटर तो लगा सकते हैं, लेकिन प्रीपेड मोड केवल उपभोक्ताओं की सहमति के आधार पर ही आगे बढ़ाया जाएगा।
ऊर्जा विभाग के अपर मुख्य सचिव डा. आशीष कुमार गोयल ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया कि गर्मी में बिजली की मांग बढ़नी तय है। ऐसे में विद्युत वितरण लाइनों की ट्रिपिंग रोकने के प्रयास किए जाएं और पारेषण व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त रखा जाए।
शक्ति भवन में सोमवार को ट्रांसमिशन कॉर्पोरेशन की समीक्षा बैठक में निर्देश दिया कि पारेषण के सभी कार्य निर्धारित समय में पूरे किए जाएं। उन्होंने मुख्यालय पर तैनात सभी अधिकारियों को आगामी शनिवार से 14 अप्रैल तक उपकेंद्रों में किए गए अनुरक्षण कार्यों का निरीक्षण करने का निर्देश दिया। गोयल ने स्पष्ट किया कि गर्मियों में ट्रिपिंग नहीं होनी चाहिए। यदि ट्रांसमिशन लाइनों की ट्रिपिंग के कारण विद्युत आपूर्ति में बाधा आती है, तो अधीक्षण और मुख्य अभियंताओं पर भी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने डिवीजन और जोन-वार डेटा मंगाकर विश्लेषण करने को कहा। फायर फाइटिंग की मॉक ड्रिल कराने और उपकेंद्रों व ट्रांसफार्मर की एजिंग एनालिसिस कर आवश्यक अनुरक्षण पर विचार करने को भी कहा।
विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने निजीकरण के विरोध में आंदोलन तेज करने की तैयारी शुरू कर ली है। इसके लिए अंतिम निर्णय रविवार को होने वाली केंद्रीय कार्यकारिणी की बैठक में लिया जाएगा। समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि पाॅवर काॅर्पोरेशन प्रबंधन ने अभी तक निजीकरण प्रस्ताव रद्द करने की घोषणा नहीं की है। विरोध करने वालों के खिलाफ लगातार उत्पीड़न किया जा रहा है। समिति ने प्रबंधन पर कई अन्य आरोप भी लगाए हैं। इनमें संविदा कर्मियों की बड़े पैमाने पर छंटनी शामिल है।