फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

यूपी: दीपावली से पहले पूरी तरह खुल सकता है लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे, अभी भारी वाहनों पर है रोक

Sun, 20 Sep 2026 08:29 AM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

Lucknow-Kanpur Expressway: लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे को दीपावली से पहले पूरी तरह खोलने की तैयारी है। एक्सप्रेसवे 13 जुलाई को शुरू हुआ था। 
विज्ञापन
अभी एक्सप्रेसवे पर भारी वाहनों का प्रतिबंध है।
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे को दीपावली से पहले पूरी तरह खोलने की तैयारी है। ग्रीनफील्ड हिस्से में सड़क की मरम्मत पूरी हो चुकी है, जबकि एलिवेटेड सेक्शन पर काम चल रहा है। मरम्मत से जुड़े सभी कार्य दीपावली से पहले पूरा करने का लक्ष्य है। इसके बाद भारी वाहनों की आवाजाही भी शुरू की जा सकती है।

विज्ञापन


एनएचएआई अधिकारियों के अनुसार, एक्सप्रेसवे की तकनीकी जांच आईआईटी खड़गपुर के प्रो. केएस रेड्डी ने की है। जांच रिपोर्ट एनएचएआई मुख्यालय को भेजी जाएगी। रिपोर्ट के आधार पर मुख्यालय से मिलने वाले निर्देशों के बाद ही एक्सप्रेसवे को पूरी तरह खोलने का अंतिम निर्णय होगा।

बता दें कि 13 जुलाई को एक्सप्रेसवे का शुभारंभ हुआ था। इसके बाद ग्रीनफील्ड हिस्से में सड़क धंसने की शिकायतें सामने आईं। बाद में एलिवेटेड रोड पर भी समस्याएं मिलीं। इसके चलते कुछ लेन बंद कर मरम्मत कराई जा रही है। अभी भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक है, जिसे संचालन सामान्य होने के बाद हटाया जाएगा। एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर नवरत्न ने बताया कि मरम्मत कार्य तेजी से कराया जा रहा है और सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं। मरम्मत पूरी होने के बाद एक्सप्रेसवे पर यातायात निर्बाध करने की तैयारी है।

विज्ञापन

मलबा गिरने के बाद एलिवेटेड रोड की स्लैब तोड़ने का काम जारी

 लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे के एलिवेटेड रोड से कंक्रीट और मलबा गिरने के बाद शुक्रवार को शुरू हुआ प्रभावित हिस्से की स्लैब तोड़ने का काम शनिवार को भी जारी रहा। स्लैब को ग्लैंडर समेत अन्य मशीनों की मदद से हटाया जा रहा है। जांच के बाद इस हिस्से की पूरी स्लैब नए सिरे से बनाने का निर्णय लिया गया है। वहीं, एनएचएआई के मुख्य महाप्रबंधक विशाल गौतम चरण पहारी ने बताया कि मरम्मत का कार्य पूरा हो चुका है, लेकिन क्यूरिंग (कांक्रीट की सेटिंग) 5-6 दिन में पूरी होती है। इसकी एनडीटी (नॉन-डिस्ट्रक्टिव टेस्टिंग) यानी मजबूती की रिपोर्ट ठीक आई है।

सुरक्षा के लिए प्रभावित लेन के चारों ओर करीब 15 फीट ऊंची टीन की चादरों से घेरा बनाया गया है। बाहर हाइड्रा मशीन लगाई गई है। नीचे सड़क पर मलबा गिरने से रोकने के लिए एलिवेटेड रोड के निचले हिस्से में मजबूत लोहे के एंगल लगाए गए हैं। इनके ऊपर लोहे की चादरें बिछाने के साथ हरे रंग का सुरक्षा जाल भी लगाया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, स्लैब तोड़ने के दौरान कंक्रीट का कोई हिस्सा नीचे कानपुर रोड पर न गिरे, इसके लिए ये इंतजाम किए गए हैं।

बीते रविवार रात करीब एक बजे बंथरा की आजाद बिहार कॉलोनी के सामने एलिवेटेड रोड से कंक्रीट का मलबा टूटकर कानपुर रोड पर गिर गया था। इससे इलाके में हड़कंप मच गया था। सूचना पर एनएचएआई और कार्यदायी संस्था पीएनसी के अधिकारी मौके पर पहुंचे। घटना के कारणों की जांच के लिए इंजीनियरों की टीम लगाई गई थी। स्लैब की गुणवत्ता और मजबूती की जांच के बाद इसे तोड़कर दोबारा बनाने का फैसला लिया गया।
विज्ञापन

दूसरी लेन में भी मरम्मत, रैंप से उतारा जा रहा ट्रैफिक

एलिवेटेड रोड की दूसरी लेन में भी शनिवार से मेंटेनेंस शुरू कर दिया गया है। सड़क की जर्जर परत हटाकर लोहे के जाल की जांच की जा रही है। इसके बाद स्लैब को तोड़कर नए सिरे से बनाया जाएगा। एनएचएआई के अधिकारियों के अनुसार, कानपुर से लखनऊ आने वाले ट्रैफिक को ग्रीनफील्ड से बनी सड़क पर रैंप के जरिये उतारा जा रहा है। वहीं, लखनऊ से कानपुर जाने वाला ट्रैफिक एलिवेटेड रोड से ही गुजर रहा है। मरम्मत पूरी होने के बाद ही टोल वसूली शुरू की जाएगी। बता दें कि छह अगस्त से टोल वसूली बंद है। एनएचएआई के मुताबिक प्रतिदिन करीब 42 लाख रुपये टोल मिलता था। 41 दिनों में करीब 18 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। इसकी भरपाई निर्माण एजेंसी पीएनसी से कराई जाएगी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें