मुख्यमंत्री से मिलने पहुंचे सपा के पूर्व प्रत्याशी की तस्वीर सोशल मीडिया पर डालकर भाजपा ने जो 'भीम दांव' खेला उससे सपा का पूरा गेम प्लान ही बिगड़ गया। भीम निषाद की दोबारा टिकट पाने की आस भी खत्म हो गई। इतना ही नहीं, जिस निषाद मत को सपा एकमुश्त हासिल करने की फिराक में थी, उसमें भी दो फाड़ नजर आने लगा है।
सुल्तानपुर जिले में निषाद मतों की संख्या करीब दो लाख है। यह वर्ग पिछले कई चुनावों से भाजपा का वोटर बना हुआ था। सपा ने इस वर्ग को साधने के लिए ही भीम निषाद को काफी पहले ही चुनाव लड़ने की हरी झंडी दे दी थी।
करीब आठ महीने से भीम निषाद अपने समाज के बीच जुटे हुए थे, जिसका असर भी दिखने लगा था। इस बीच सपा नेताओं के दबाव में पार्टी ने भीम निषाद की जगह पूर्व मंत्री रामभुआल के टिकट का एलान कर दिया। इससे निराश भीम निषाद पहले तो सपा विधायक ताहिर खान के साथ राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के सहारे रहे।
वहां से शुभ संकेत नहीं मिलने पर उन्होंने अपनी राजनीति को सुरक्षित रखने के लिए भाजपा से भी तार जोड़ना शुरू कर दिया। इसी कड़ी में वह बुधवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिले।