यूपी की इस सीट पर चुानाव सांसद का है, असल परीक्षा विधायकों की है। बिरादरी में मजबूत पकड़ को लेकर पार्टी हाईकमान ने जिम्मेदारी सौंपी है। विधानसभा चुनाव 2022 में भाजपा-सपा में कांटे की टक्कर हुई थी।
नामांकन प्रक्रिया शुरू होने के बाद बाराबंकी जिले से राज्य सरकार में मंत्री के साथ ही भाजपा के दो विधायक और दो एमएलसी की भी परीक्षा शुरू हो गई है। यही हाल विपक्षी गठबंधन इंडिया से कांग्रेस प्रत्याशी को लेकर सपा के तीन विधायकों का भी है।
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इन जनप्रतिनिधियों के साथ ही संगठन से जुड़े दिग्गजों की भी जिम्मेदारी भी कम नहीं है। वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में जिले की छह सीटों में से तीन पर भाजपा और तीन पर सपा के विधायक जीते। टक्कर इतनी जबरदस्त रही कि दोनों दलों के एक-एक विधायक मात्र 300 वोटों के अंतर से जीत सके।
अब लोकसभा चुनाव में इन विधायकों की भी असल परीक्षा है। इनमें से एक राज्य सरकार में मंत्री हैं, उनकी विधानसभा दरियाबाद भले ही अयोध्या लोकसभा क्षेत्र में आती हो लेकिन बाराबंकी के चुनाव का सारा दारोमदार उन्हीं के कंधों पर है। दरियाबाद व हैदरगढ़ के विधायक लोकसभा चुनाव में अपनी विधानसभाओं में कितना वोट दिला पाएंगे इसपर संगठन की नजर है। इससे उनका कद और प्रदेश सरकार में पद भी तय होगा।
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चुनावी समर में इस बार सपा सीधे मैदान में नहीं है, पर उसकी जिम्मेदारी कांग्रेस से कहीं ज्यादा बढ़ गई है। गठबंधन के प्रत्याशी को जिताने के लिए सदर, रामनगर और जैदपुर के विधायक कितना सफल होंगे यह परिणाम ही बताएगा। फिलहाल यह उनकी परीक्षा की घड़ी है। यह चुनाव इन विधायकों के काम से लेकर उनके व्यवहार और जनता के बीच पकड़ को भी प्रदर्शित करेगी।
दो एमएलसी को भी दिखाना होगा दम स्थानीय निकाय क्षेत्र से भाजपा के एमएलसी अंगद सिंह और स्नातक क्षेत्र के एमएलसी अवनीश पटेल की भी कम परीक्षा नहीं है। अंगद सिंह जहां अयोध्या से लोकसभा का टिकट मांग रहे थे, वहीं उनकी जिले में सक्रियता भी खूब है।
पर गांव-गांव में वह एमएलसी बनने के बाद पार्टी का कितना जनाधार बढ़ा पाए यह इस चुनाव में तय होगा, वहीं अवनीश एमएलसी होने के साथ ही भाजपा के जिला प्रभारी भी हैं। यह देखना अहम होगा कि वह अपने सजातीय वोटों को पार्टी के पक्ष में कितना एकजुट रखने के साथ ही संगठन को कितनी धार दे पाए।
दांव पर होगी इनकी भी प्रतिष्ठा
सपा के तीन पूर्व मंत्री अरविंद सिंह गोप, राकेश वर्मा, संग्राम सिंह वर्मा से लेकर कांग्रेस के पीएल पुनिया, रामसागर रावत की प्रतिष्ठा भी चुनाव से गहरी जुड़ी है। भाजपा में पूर्व सांसद प्रियंका सिंह रावत से लेकर अन्य कई नेता जो बड़े-बड़े दावे करते हैं यह चुनाव उनका भी कद तय करेगा।