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UP: मुद्दे दरकिनार...शहजादे-शहंशाह और आरक्षण पर रार, पहले जोर-शोर से उठे ये मुद्दे, फिर जुबानी जंग पर बढ़ा जोर

अजित बिसारिया, अमर उजाला, लखनऊ Published by: शाहरुख खान Updated Tue, 07 May 2024 03:16 PM IST
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UP Lok Sabha Election 2024 - फोटो : अमर उजाला
शहजादे... शहंशाह...मंगलसूत्र... आरक्षण... झूठ की मशीन...। कुछ इस तरह के विशेषणों के इर्द-गिर्द चुनाव सिमटता जा रहा है। पहले चरण में जहां पार्टियों ने अपने घोषणापत्रों के जरिये जनता के मुद्दे उठाए, वहीं चुनावी रथ के तीसरे चरण में पहुंचते ही जुबानी जंग शबाब पर पहुंच गई। इन सबके बीच जनता के मुद्दे दरकिनार हो गए हैं।

सीएम योगी आदित्यनाथ ने सपा-कांग्रेस पर आतंकियों-माफिया का महिमामंडन करने का आरोप लगाया, तो पूर्व सीएम अखिलेश यादव अपनी सभाओं में भाजपा पर आरक्षण में बदलाव करने का आरोप लगा रहे हैं। 


चुनाव प्रचार के शुरुआती दिनों में जनसुविधाओं, इंफ्रास्ट्रक्चर, बेरोजगारी, कल्याणकारी योजनाओं, महिलाओं, किसानों व युवाओं की तरक्की के सवाल सबने अपने-अपने ढंग से प्रमुखता से उठाए। मुफ्त इलाज से लेकर आटा-डाटा फ्री जैसे वादे भी सामन आए। पर, आहिस्ता-आहिस्ता इन मुद्दों का स्थान जुबानी जंग ने ले लिया।

विरासत कर का भी रहा शोर
ओवरसीज कांग्रेस के अध्यक्ष सैम पित्रोदा ने संसाधनों के समान वितरण के लिए विरासत कर जैसी नीतियों की पैरोकारी की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे तत्काल मध्य वर्ग का बड़ा मुद्दा बनाते हुए महिलाओं के मंगलसूत्र छिनने और चार कमरे के फ्लैट में से दो कमरे लेकर दूसरे को दिए जाने से जोड़ दिया। 
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UP Lok Sabha Election 2024 - फोटो : अमर उजाला
शहजादे... शहंशाह...मंगलसूत्र... आरक्षण... झूठ की मशीन...। कुछ इस तरह के विशेषणों के इर्द-गिर्द चुनाव सिमटता जा रहा है। पहले चरण में जहां पार्टियों ने अपने घोषणापत्रों के जरिये जनता के मुद्दे उठाए, वहीं चुनावी रथ के तीसरे चरण में पहुंचते ही जुबानी जंग शबाब पर पहुंच गई। इन सबके बीच जनता के मुद्दे दरकिनार हो गए हैं।

सीएम योगी आदित्यनाथ ने सपा-कांग्रेस पर आतंकियों-माफिया का महिमामंडन करने का आरोप लगाया, तो पूर्व सीएम अखिलेश यादव अपनी सभाओं में भाजपा पर आरक्षण में बदलाव करने का आरोप लगा रहे हैं। 

चुनाव प्रचार के शुरुआती दिनों में जनसुविधाओं, इंफ्रास्ट्रक्चर, बेरोजगारी, कल्याणकारी योजनाओं, महिलाओं, किसानों व युवाओं की तरक्की के सवाल सबने अपने-अपने ढंग से प्रमुखता से उठाए। मुफ्त इलाज से लेकर आटा-डाटा फ्री जैसे वादे भी सामन आए। पर, आहिस्ता-आहिस्ता इन मुद्दों का स्थान जुबानी जंग ने ले लिया।

विरासत कर का भी रहा शोर
ओवरसीज कांग्रेस के अध्यक्ष सैम पित्रोदा ने संसाधनों के समान वितरण के लिए विरासत कर जैसी नीतियों की पैरोकारी की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे तत्काल मध्य वर्ग का बड़ा मुद्दा बनाते हुए महिलाओं के मंगलसूत्र छिनने और चार कमरे के फ्लैट में से दो कमरे लेकर दूसरे को दिए जाने से जोड़ दिया। 

दूसरे चरण का मतदान होने तक भाजपा और विपक्षी दलों के नेताओं के बीच इसे लेकर जमकर तकरार हुई। पलटवार करते हुए कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने राजीव गांधी के शहीद होने का हवाला देते हुए यहां तक कहा कि उनकी मां सोनिया गांधी ने देश के लिए अपने मंगलसूत्र का बलिदान कर दिया।

 

जुबानी जंग को आगे बढ़ाते हुए सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने यहां तक कह दिया कि 'सिंगल' होने की वजह से योगी-मोदी का मंगलसूत्र के क्या लेना-देना। असल मुद्दों के बजाय डीप फेक वीडियो के प्रचार-प्रसार ने भी नेताओं को असहज करना शुरू कर दिया। 


 

अमित शाह का फेक वीडियो चलने पर तेलंगाना के सीएम रेवंत रेड्डी समेत कई नेताओं को दिल्ली पुलिस ने तलब किया, तो आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत को भी यह सफाई देनी पड़ी कि आरएसएस आरक्षण के विरोध में नहीं है।

मुगल भी आए चुनाव में
भाजपा ने आंध्रप्रदेश और कर्नाटक में ओबीसी कोटे से मुसलमानों को आरक्षण दिए जाने का हवाला देते हुए कांग्रेस को एससी, एसटी और ओबीसी आरक्षण का विरोधी करार दिया। पीएम मोदी ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस ने चुनाव जीतने के लिए पीएफआई की मदद की। शहजादे ने राजा- महाराजाओं का अपमान किया। वायनाड जीतने को कांग्रेस ने पीएफआई की मदद ली। 

कांग्रेस राजा-महाराजाओं का अपमान करती है। मुगलों को शहजादे गाली नहीं देते। इस पर पीएम मोदी को महलों में रहने वाला शहंशाह बताते हुए प्रियंका गांधी ने उन पर हमला बोला। मोदी को बकवास करने वाला तक करार दे डाला। वहीं मोदी पाकिस्तान को बीच में लाकर यहां तक कह रहे हैं कि वह राहुल गांधी को भारत का अगला प्रधानमंत्री बनाना चाहता है।

 

मुंह न खुलवाने तक की धमकी 
एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी भी जुबानी जंग में पीछे नहीं रहे। उन्होंने भी कह दिया कि 'मेरा मुंह न खुलवाएं अगर तुम्हारे मुंह में जुबान है, तो मेरा भी है। पीएम मोदी मुसलमानों को घुसपैठिया कहते हैं। जुबानी जंग में कांग्रेस नेता राहुल गांधी, पीएम नरेंद्र मोदी को झूठ की मशीन तक कह चुके हैं।
 
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